उत्तराखंड के रुड़की में युवती के शव से आंख और किडनी निकालने के मामले में जौलीग्रांट हॉस्पिटल के एक डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
रुड़की निवासी युवती की बीते आठ दिसंबर को जौलीग्रांट हॉस्पिटल में मौत हो गई थी। युवती आईसीयू में भर्ती थी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के एक डॉक्टर ने शव से आंख और किडनी निकाल ली थी। एसएसपी हरिद्वार के निर्देश पर गंगनहर कोतवाली में जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला डोईवाला थाने भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक शक्ति विहार कॉलोनी रुड़की निवासी सुधीर कुमार की बेटी काजल की दिसंबर में तबियत खराब हुई थी। शहर के डॉक्टरों ने उसे जौलीग्रांट रैफर कर दिया। पांच दिसंबर को काजल को जौलीग्रांट हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया। हालत बिगड़ने पर सात दिसंबर को उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया था। अगले दिन उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि काजल की मौत के बाद अस्पताल के डॉक्टर कालरा ने उसकी आंख और किडनी निकाल ली। ऐसा करते उनकी छोटी बेटी ने देखा।
डॉक्टरों ने डरा धमका कर शव किया सुपुर्द
आरोप यह भी है कि विरोध करने पर डॉक्टरों ने उन्हें डरा धमका कर शव सुपुर्द कर दिया। इसके बाद परिजनों ने रुड़की के एक श्मशान घाट पर शव को दफना दिया गया। इसके बाद से परिजन डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस व हॉस्पिटल के चक्कर काट रहे थे।
आखिर में परिजनों ने एसएसपी हरिद्वार सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस से गुहार लगाई। शनिवार को एसएसपी के निर्देश पर गंगनहर कोतवाली में काजल की माता शांति देवी की तरफ से जौलीग्रांट हॉस्पिटल के डॉक्टर कालरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल ने बताया कि चूंकि मामला डोईवाला थानाक्षेत्र का है, लिहाजा शून्य एफआईआर दर्ज कर केस डोईवाला पुलिस को भेज दिया गया है।