उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल का सबसे बड़ा अस्पताल बड़े विवाद में उलझ गया है। पेट में मृत नवजात को गर्दन काटकर निकाले जाने पर परिजनों ने अस्पताल में खूब हंगामा किया।
डॉक्टरों ने परिवार को बिना जानकारी दिए ही शिशु की गर्दन सिलकर उन्हें सौंप दिया। परिवार को शिशु की गर्दन में टांके लगने पता तब चला जब घर में परिजनों ने शव को देखा।
परिजनों और अन्य लोगों ने अस्पताल पहुंचकर संबंधित डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मेडिकल चौकी में तहरीर दी। घंटों हो-हल्ला के बीच मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी पुरोहित ने पोस्टमार्टम हाउस में शिशु की हालत देखने के बाद संबंधित डॉक्टर को हटाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही लोग शांत हुए।
रामपुर जिले के पैनीनगर के मूल निवासी राहत अली उजाला नगर में रहकर स्टील वेल्डिंग का काम करते हैं। रविवार रात गर्भवती पत्नी आसमां की हालत बिगड़ने पर राहत ने उसे महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था।