चंद्रमोहन सिंह नेगी राजकीय संयुक्त चिकित्सालय कोटद्वार के डॉक्टरों पर राज्य आंदोलनकारी पद्मेश बुड़ाकोटी के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद रावत ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि मरीज को कई घंटे तक तड़पने के लिए छोड़ दिया। बाद में बिना जांच किए ही स्टाफ को टांके लगाने को कह दिया। ब्लड टेस्ट और एक्सरे का शुल्क जमा करवाने के बाद भी एक दिन तक जांच नहीं की गई। इसके बाद जब मरीज ने रेफर करने को कहा तो कागज तैयार करने में दो घंटे से ज्यादा वक्त लगा दिया। चिकित्सकों की इस लापरवाही से मरीज के पांव में इंफेक्शन हो गया। उन्होंने दोषी चिकित्सक व सहायक स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामला स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी के गृह क्षेत्र कोटद्वार स्थित चंद्रमोहन सिंह नेगी राजकीय संयुक्त चिकित्सालय से जुड़ा है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद रावत ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बताया कि राज्य आंदोलनकारी पद्मेश बुड़ाकोटी 24 जनवरी को सड़क दुर्घटना में घायल हो गए। स्थानीय लोग उन्हें लेकर चिकित्सालय पहुंचे तो इमरजेंसी में तैनात ऑर्थोपैडिक सर्जन ने स्टाफ को टांके लगाने को कह दिया।
स्टाफ ने घाव को साफ किए बिना ही टांके लगा दिए। इसके बाद उन्हें ब्लड टेस्ट और एक्सरे के लिए 1150 रुपये जमा कराने को कहा गया। पीड़ित के रुपये जमा करवाने के बावजूद अगले दिन दोपहर दो बजे तक एक्सरे और ब्लड टेस्ट नहीं किया गया। मजबूर होकर उन्होंने डॉक्टरों से रेफर करने को कहा। आरोप है कि कागज तैयार के नाम पर स्टाफ उनको दो घंटे तक टरकाता रहा। इसके बाद देहरादून के निजी अस्पताल पहुंचे पीड़ित के घाव में इंफेक्शन हो गया। इसके चलते उन्हें दोबारा ऑपरेशन करवाना पड़ा है।