नेपाल में किशोरी की दुष्कर्म के बाद हत्या के वास्तविक आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर महेंद्रनगर में भड़की हिंसा की आग टनकपुर सीमा से लगे नेपाल के ब्रह्मदेव कस्बे तक भी पहुंच गई है। शुक्रवार सुबह व्यापारी एवं ब्रह्मदेव की जनता सड़क पर उतर आई। उन्होंने बाजार के चौराहे पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया। कहा कि पुलिस ने असरदार लोगों के दबाव में एक निर्दोष युवक को फंसाकर वास्तविक हत्यारे को बचाने की कोशिश की है। उन्होंने किशोरी के वास्तविक हत्यारे को पकड़कर फांसी देने की मांग उठाई। उधर, महेंद्रनगर बंद का असर बनबसा के कारोबार पर पड़ा है।
जिला मुख्यालय महेंद्रनगर से सटे उल्टाखाम गांव में किशोरी की दुराचार के बाद हत्या के मामले में 20 अगस्त को नेपाल पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया था, इसके बाद भड़के जनाक्रोश ने बृहस्पतिवार को हिंसक रूप ले लिया था। शुक्रवार को टनकपुर सीमा से लगे नेपाल के सीमांत ब्रह्मदेव कस्बे के व्यापारियों ने बाजार बंद कर प्रदर्शन किया। आम नागरिक भी सड़कों पर उतर पड़े। प्रदर्शन में बाबा सिद्धनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष केशव नायक, हीरा मेहता, यज्ञराज भट्ट, शंकर बिष्ट, दशरथ भारती, राजेंद्र प्रसाद पनेरू, कमल बिष्ट, नारायण सिंह नायक, अमर सिंह खड़का, नारायण सिंह मेहता, महिला संघ अध्यक्ष महेश्वरी जोशी, चक्रबुढ़ा, वीरेंद्र धामी, दल बहादुर धामी, गोपाल धामी आदि शामिल थे।
वहीं, बनबसा व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी ने बताया कि बुधवार को बाजार की साप्ताहिक बंदी रहती है, लेकिन बृहस्पतिवार एवं शुक्रवार को नेपाल से यात्रियों और खरीदारों के बनबसा नहीं पहुंचने से बनबसा बाजार के कारोबार को पिछले दो दिनों में करीब तीस लाख का नुकसान हुआ है। मैजिक, ई रिक्शा और तांगा चालकों की आय भी प्रभावित हुई है। इसके अलावा नेपाल में सब्जी, फल के अलावा अन्य फेरी लगाने और कबाड़ का काम करने वाले मजदूर भी आर्थिक संकट से गुजरने लगे हैं। कस्टम में होने वाला वैधानिक व्यापार और रोडवेज को भी झटका लगा है। रोडवेज के बनबसा प्रभारी संतोष गुप्ता के मुताबिक पिछले तीन दिनों में रोडवेज को करीब ढाई से तीन लाख रुपयों का नुकसान हुआ है।