जिला पंचायत हरिद्वार की ओर से ज्वालापुर व भगवानपुर में निर्मित दुकानों के आवंटन में अनियमितता के मामले में प्रदेश सरकार ने अध्यक्ष की शक्तियां व अधिकार सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रमुख सचिव पंचायती राज ने मामले की जांच कर रहे जिलाधिकारी हरिद्वार के माध्यम जिला पंचायत अध्यक्ष को नोटिस जारी कर अधिकार सीज करने को लेकर जवाब मांगा है।
ज्वालापुर तहसील और भगवानपुर में जिला पंचायत हरिद्वार की ओर से नई दुकानों का निर्माण कराया गया है।
भाजपा सरकार बनने के बाद जिला पंचायत सदस्यों ने दुकानों के आवंटन में अनियमितता की लिखित शिकायत की थी। जिलाधिकारी हरिद्वार ने मामले की जांच कर पाया कि दुकान में एक प्रॉपर्टी डीलर का बोर्ड लगा था।
दुकानों को क्रय करने के लिए प्रॉपर्टी डीलर ने अपना नंबर दे रखा था। इस नंबर पर डीएम ने संपर्क किया तो ब्रोकर ने 15 लाख रुपये में दुकान मिलने की बात कही। जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितता सामने आने पर जिला पंचायत अध्यक्ष की शक्तियां व अधिकार सीज करने की कार्रवाई शुरू की गई।
प्रमुख सचिव पंचायती राज मनीषा पंवार ने बताया कि जिला पंचायत हरिद्वार में कम रेट पर दुकानों का आवंटन करने के मामले में अध्यक्ष के अधिकार सीज करने के लिए जिलाधिकारी हरिद्वार के माध्यम से नोटिस भेजा गया है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
मेरे खिलाफ शिकायत राजनीति से प्रेरित है। जिला पंचायत ने जिस समय दुकानों का आवंटन किया था। उस समय वह भले ही अध्यक्ष निर्वाचित हो गई थीं, लेकिन उन्होंने 18 मई 2016 को कार्यभार संभाला था। ऐसे में 16 व 17 मई को हुए दुकानों के आवंटन से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। मेरा पक्ष रखने के लिए शासन से नोटिस जारी किया गया है, जिसका जवाब शीघ्र दिया जाएगा।
- सविता चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष