देश को आजाद हुए 70 साल हो चुके हैं। यह बात सुनकर आप यकीन नहीं करेंगे, लेकिन दुर्भाग्यवश ये सच है। आजादी के बाद पहली बार कोई सरकारी अफसर यहां पहुंचे। इस आईएएस ने रिकॉर्ड बनाया है।
विकासखंड के दूरस्थ ग्राम पंचायत अखोड़ी के ग्रामीणों ने पहली बार किसी डीएम को देखा। मंगेश घिल्डियाल पहले ऐसे डीएम है, जो अखोड़ी पहुंचे और यहां जनता दरबार में ग्रामीण की समस्याएं सुनी। डीएम ने ग्रामीणों से गढ़वाली में पूरा संवाद किया तो ग्रामीणों ने बेहिचक अपनी समस्याएं रखी।
रविवार को अखोड़ी गांव पहुंचे डीएम मंगेश घिल्डियाल का ग्रामीणों को पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ भव्य स्वागत किया। खास तरह का भोज का आयोजन भी किया गया। दरअसल, पहली बार किसी डीएम के गांव में आने से ग्रामीणों की उम्मीद जगी और डीएम मंगेश घिल्डियाल के गढ़वाली में संवाद ने ग्रामीणों के दिलों को छू लिया।
इस दौरान जनता दरबार 40 शिकायतें दर्ज हुई, जिसमें 10 का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। डीएम ने कहा कि यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। ग्रामीणों को यहां की सुंदरता और उपजाऊ भूमि का भरपूर उपयोग करना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों को कृषि और बागवानी संबंधित अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए को भी कहा।
वहीं विधायक मनोज रावत ने कहा कि कार्तिक स्वामी, भणज, थौरतुंगनाथ, मक्कू, चोपता आदि पैदल ट्रैक मार्गों को विकसित कर रोजगारपरक बनाया जाना चाहिए। इस मौके पर ग्रामीणों ने पीएमजीएसवाई की ओर से सेना-अखोड़ी मोटरमार्ग का घटिया निर्माण व डामरीकरण घटिया निर्माण व डामरीकरण और लोनिवि ऊखीमठ अखोड़ी-भणज खडिंजा मार्ग का मानकों के अनुरूप कार्य न करने की शिकायत की।
डीएम घिल्डियाल ने परियोजना निदेशक के नेतृत्व में जांच समिति का गठन कर दोनों कार्यों के जांच के निर्देश दिए। डीएम ने ग्रामीणों को विश्वास दिलाया कि समस्याओं का निस्तारण हुआ या नहीं यह जानने वह दोबारा अखोड़ी आएंगे।