चार दिन पहले हरिद्वार जिले की मंगलौर नगर पालिका के जेई जगदीश प्रसाद को रोशनाबाद स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में खुले में पेशाब करते हुए पकड़े जाने पर पांच हजार रुपए का अर्थदंड वसूलने वाले जिलाधिकारी दीपक रावत ने मंगलवार को एक और व्यक्ति से ऐसे ही पांच हजार रुपए वसूले।
साथ ही जिलाधिकारी ने सभी विभागों में ऐसे वसूली के लिए अपने यहां नोडल अधिकारी नामित करने के आदेश दिए है। जो विभाग अपने स्तर से वसूली नहीं कर पाएंगे उनकी वसूली संबंधित व्यक्ति से तहसील के मार्फत कराई जाएगी।
जिलाधिकरी दीपक रावत के अनुसार मंगलवार की दोपहर बाद में कलेक्ट्रेट परिसर से गुजर रहे थे तभी उन्होंने एक व्यक्ति को दीवार के सहारे खुले में पेशाब करते हुए पाया। उन्होंने उस व्यक्ति को टोका और नाम पता पूछा तो उसने अपना राजू पुत्र घसीटू निवासी खंजरपुर, रुड़की बताया।
यह पूछने पर कि कलेक्ट्रेट परिसर में शौचालय होने के बाद भी वह खुले में पेशाब क्यों कर रहा है वह कोई जवाब नहीं दे सका। जिलाधिकारी ने बताया कि राजू कलेक्ट्रेट में जिले की खाली रह गई शराब की दुकानों के लिए होने वाली नीलामी में भाग लेने आया था। उससे तुरंत पांच हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि अब इस व्यवस्था को सभी विभागों में लागू करने के लिए एक विशेष अधिकारी नामित करने के आदेश उन्होंने दिए हैं। हर महीने इस अधिकारी को यह रिपोर्ट देनी होगी कि उन्होंने कितने लोगों को खुले में शौच करते पकड़ा और कितनी वसूली की।
उन्होंने बताया कि जो विभाग अपने स्तर से वसूली नहीं कर पाएंगे उन्हें पकड़े जाने वाले व्यक्ति का नाम पता तहसील को भेजा होगा। दस प्रतिशत अतिरिक्त चार्ज के साथ तहसील के द्वारा वसूली कराई जाएगी। जुर्माना न देने वाले को 14 दिन की हवालात भी काटनी पड़ सकती है।