प्रदेशभर में आयोजित हुई डीएलएड प्रवेश परीक्षा में शुक्रवार को 27920 अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि 12570 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की सचिव डॉ. नीता तिवारी ने बताया कि प्रवेश परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 40490 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। गढ़वाल मंडल में 24144 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 15816 और कुमाऊं मंडल में पंजीकृत 16346 परीक्षार्थियों में से 12104 ने परीक्षा दी। गढ़वाल में 8328 और कुमाऊं में 4242 अभ्यर्थियों ने परीक्षा नहीं दी। राज्य में 184 केंद्रों पर कोविड नियमों के तहत परीक्षा कराई गई।
देहरादून में 30 प्रतिशत अभ्यर्थी अनुपस्थित
डीएलएड प्रवेश परीक्षा शुक्रवार को जिले के 31 केंद्रों में संपन्न हुई। ओस दौरान कोरोना संकट का असर भी नजर आया। कुल पंजीकृत परीक्षार्थियों में करीब 30 प्रतिशत अनुपस्थित रहे। कई कक्षों में आधी से ज्यादा सीटें भी खाली नजर आई।
सभी परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थियों को मास्क प्रयोग, सैनिटाइज व थर्मल स्कैनिंग जांच के बाद प्रवेश दिया गया। कक्षों में सीटें भी उचित दूरी पर लगाई गई थी। जिले के 31 केंद्रों में कुल 5978 परीक्षार्थी पंजीकृत किए गए थे, जिनमें 4148 ने परीक्षा दी।
जबकि, 1830 परीक्षा देने नहीं पहुंचे। इनमें अधिकांश विकासनगर, कालसी, ऋषिकेश व अन्य दूर के क्षेत्रों के थे। गांधी इंटर कॉलेज में दो कक्षों में आधे से भी कम परीक्षार्थी नजर आए। परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों ने प्रश्न-पत्र को औसत बताया। हालांकि, बीच-बीच में कई प्रश्न खासे कठिन रहे।