ये खबरी लाल अपने आका के पक्ष में तो कभी विपक्ष में खबर छपवाने के लिए मीडिया वालों के चक्कर काटते रहते हैं।
कुछ दिन पहले तक वह अपने पुराने साहब के खिलाफ खबर प्रकाशित कराने के लिए चक्कर काट रहे थे, लेकिन आजकल बॉस के पक्ष में समाचार लगवाने के लिए गुजारिश करते नजर आ रहे हैं।
महाशय ये ऐसे खबरी लाल हैं, जिन्हें न केवल खुद के महकमे की बल्कि दूसरे महकमों की भी चिंता रहती है। ऐसे खबरी लाल से साहब को ऊपर वाला बचाए। न जाने कब इनकी नजरें टेढ़ी हो जाए।