परिवर्तन यात्रा में खुलेआम गुटबाजी और हंगामे को भाजपा ने गंभीरता से लिया है। प्रदेश नेतृत्व ने हंगामा करने वाले नेताओं को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर पार्टी इन नेताओं पर कार्रवाई भी कर सकती है।
प्रदेश में भाजपा की परिवर्तन यात्रा के दौरान कई जगह सरेआम गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है। चुनावी सीजन में इस तरह की गुटबाजी से पार्टी हाईकमान भी चिंतित है। 16 नवंबर को परिवर्तन यात्रा के दौरान पहले मंडी चौक और फिर कारगी चौक पर हरिद्वार सांसद प्रतिनिधि रतन सिंह चौहान और बीर सिंह पंवार में विवाद हो गया था। यहां तक कि दोनों ही नेताओं के समर्थकों में हाथापाई तक हुई।
अनुशासनहीनता पर हाईकमान गंभीर
दोनों नेता धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक के टिकट की दावेदारी जता रहे हैं। दून में प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक समेत बड़े नेताओं के सामने हुए इस बवाल को पार्टी हाईकमान ने गंभीरता से लिया है। बड़े नेताओं का भी मानना है कि चुनावी सीजन में इस तरह की आपसी गुटबाजी और अनुशासनहीनता पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए ऐसे कृत्य को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, गुटबाजी फैलाने वाले कुछ अन्य नेताओं को भी नोटिस भेजने की तैयारी है। प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल ने नोटिस भेजने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। अगर किसी को अपना पक्ष रखना है तो पार्टी फोरम पर रख सकता है। सरेआम अनुशासन तोड़ने को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।