जिलाधिकारी सोनिका सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने जल संस्थान एवं जल निगम के अधिकारियों से निर्माण कार्यों से पेयजल लाइन और जल स्रोतों को हुई क्षति की रिपोर्ट देने के लिए कहा।
जिलाधिकारी सोनिका को सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, जल स्रोत दबाने, पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त करने की शिकायतों पर डोम, खाल गांव सहित राजपुर रोड, कुल्हाल, ओल्ड मसूरी रोड आदि स्थानों का निरीक्षण किया। डोम गांव में निरीक्षण के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों को भूमि की पैमाइश करने और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण होने की पुष्टि पर प्राथमिक दर्ज करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को निर्देशित किया कि भूमि के कटान से डंप किए जा रहे मलबे से होने वाले नुकसान, भूस्खलन के मामलों में आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई करें। उन्होंने एमडीडीए के अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि का नक्शा जांच करते हुए नक्शा किस श्रेणी में पास है, इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। वहीं, राजपुर रोड शहंशाही आश्रम एवं उत्तरांचल आयुर्वेदिक कॉलेज के पास नदी-नालों को पाटे जाने के मामलों में कार्रवाई करने और पानी निकासी की पूर्व व्यवस्था स्थापित करने के निर्देश दिए।
Iकूड़ा के ढेर पर जताई नाराजगी, स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देशI
जिलाधिकारी ने जलभराव एवं नालियों की सफाई के कार्य का भी जायजा लिया। उन्होंने राजपुर रोड से सहस्रधारा क्रॉसिंग, रिंग रोड से जोगीवाला हरिद्वार बाईपास रोड और चंद्रबनी तक निरीक्षण किया। चंद्रबनी चोईला में नालों की सफाई पूर्ण न होने और सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा पड़ा होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सहस्रधारा रोड पर निर्माणाधीन स्थलों पर लोनिवि के अधिकारियों को ड्रेनेज सिस्टम ठीक करने के लिए कहा। साथ ही नगर निगम के अधिकारियों को नाली, नालों की सफाई के लिए निर्देशित किया।