जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को आमंत्रित कर उनकी समस्याएं व सुझाव सुने। जिलाधिकारी ने आंदोलनकारियों से कहा कि राज्य के सभी लोग आंदोलनकारियों के योगदान के ऋणी हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों की समस्याओं के निस्तारण का प्रयास किया जाएगा।
वहीं जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य स्तरीय एवं राष्ट्रीय पर्वों पर राज्य आंदोलनकारियों के बैठने के लिए आगे का स्थान आरक्षित होगा। उन्होंने कहा कि जिन लंबित बिंदुओं पर शासन स्तर से निर्णय होना है, ऐसे प्रकरण शासन को भेजे जाएंगे। डीएम ने निर्धारित तिथि तक के समस्त प्रकरण की पत्रावली अधिकारियों को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कहा, 2021 की कट ऑफ डेट से पूर्व के जो भी चिह्नीकरण हो चुके थे, उन सबका रिकार्ड तलब किया गया। आंदोलनकारियों की पेशन, प्रशस्तिपत्र और सम्मान के संबंध में डीएम ने विस्तृत वार्ता की। आंदोलनकारियों ने कहा, यदि किसी आंदोलनकारी का देहांत हो तो जिला प्रशासन से कोई अधिकृत अधिकारी उनके सम्मान में पहुंचे, डीएम ने रोस्टरवार वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए।
इस दौरान उप जिलाधिकारी हरिगिरि, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कपिल कुमार, जगमोहन नेगी, सत्या पोखरियाल, सरोज पंवार, पुष्पलता सिलमाना, सरोज डिमरी, डीएस गुसाईं, सरिता गौड़, सुरेश कुमार, नवनीत गुसाईं, मनोज ध्यानी, सुरेंद्र कुमार, उर्मिला शर्मा, ओपी उनियाल, प्रदीप कुकरेती जगदीश चौहान आदि उपस्थित रहे।