शिक्षकों के ड्रेस कोड के मुद्दे पर उत्तराखंड शिक्षा विभाग में अजीबोगरीब बन गई है। जहां एक ओर अपर निदेशक प्राथमिक शिक्षा वीएस रावत की ओर से सभी जिला शिक्षाधिकारियों को पत्र जारी कर कहा है कि सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षिकाओं के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य नहीं है, यह स्वैच्छिक है। वहीं, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे का कहना है कि ड्रेस कोड अनिवार्य है।
इस बीच ड्रेस कोड स्वैच्छिक होने संबंधी आदेश जारी होने के बाद भी शिक्षकों का विरोध जारी है। फिलहाल यह मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। अपर निदेशक वीएस रावत ने ड्रेस कोड के स्वैच्छिक होने के संबंध में जिला शिक्षाधिकारियों को 17 जुलाई को पत्र जारी कर दिया था।
इधर, प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से भी शिकायत की थी। ड्रेस कोड समेत अन्य मामलों को लेकर शिक्षक नेताओं की मुख्यमंत्री के साथ बैठक आठ अगस्त को तय हुई है। बैठक में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री भी मौजूद रहेंगे।