फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शंकराचार्य ने नहीं दी तमिल संत की प्रतिमा लगाने की अनुमति

Sun, 24 Jul 2016 12:01 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती - फोटो : pti
विज्ञापन
भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय ने शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज से मुलाकात कर तमिल संत एवं प्रख्यात कवि तिरुवल्लूवर की प्रतिमा लगाने की अनुमति देने का आग्रह किया। लेकिन शंकराचार्य ने प्रतिमा लगाने के लिए अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा, पहले लोगों को संत का इतिहास बताना होगा।
विज्ञापन


शनिवार दोपहर तरुण विजय कनखल स्थित शंकराचार्य मठ पहुंचे और शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से मुलाकात
करनी चाहिए। लेकिन शंकराचार्य ने उन्हें करीब एक घंटे बाद मिलने का समय दिया। मुलाकात के दौरान तरुण विजय ने
शंकराचार्य से निवेदन किया कि वह हरिद्वार में संत तिरुवल्लूवर की प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति दें।

इस पर शंकराचार्य ने कहा कि संत तिरुवल्लूवर दक्षिण भारत में महान हैं। यहां के लोगों को उनकी जानकारी नहीं हैं। ऐसे में लोगों को उनके बारे में जानकारी देना जरूरी है। इस पर तरुण विजय ने शंकराचार्य से आशीर्वाद लिया और चले गए।

पत्रकार वार्ता में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि संत तिरुवल्लूवर का देश के लिए क्या योगदान रहा है। उसके बारे में यहां के लोगों को भी जानकारी होनी चाहिए। यदि किसी संत की प्रतिमा लगानी है तो राजधानी दिल्ली में लगाई जानी चाहिए। हरिद्वार में जिस संत का योगदान हो उसकी प्रतिमा ही लगानी चाहिए। 
विज्ञापन


संतों का मिल रहा सहयोग: तरुण
पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय ने कहा कि संत तिरूवल्लूवर की प्रतिमा लगाने के लिए साधु-संतों का सहयोग मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि से वार्ता हो गई है।

संत की प्रतिमा सीसीआर में लगाई जाएगी। कहा कि वे प्रतिमा लगाने पर कोई विवाद नहीं चाहते। संत की प्रतिमा लगाने से राष्ट्रीय एकता कायम रहनी चाहिए। उन्होंने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता, यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव सहित कई केंद्रीय नेताओं का आभार जताया। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें