एम्स निदेशक प्रोफेसर डॉ. राजकुमार ने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नियम कायदों से संचालित किया जाएगा। संस्थान किसी की सिफारिश या दबाव में नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने कहा कि कई लोग एम्स प्रशासन पर दबाव बनाकर मनमानी करना चाहते हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शनिवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत में एम्स निदेशक डॉ. राजकुमार ने कहा कि संस्थान को किस तरह से चलाना है, इसे एम्स प्रशासन और संबंधित नियमावली तय करेगी। कुछ लोग संस्थान में मनमानी करना चाहते हैं, जो स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर ऐसे कुछ लोगों को चिह्नित कर उनका संस्थान में प्रवेश निषेध कर दिया गया है।
निदेशक ने बताया कि विभिन्न संस्थान के आंतरिक मामलों को मुद्दा बनाकर कुछ लोकल लोग नेतागिरी चमकाने के लिए एम्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। संस्थान में ट्रेनी डॉक्टर, जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर, रेजिडेंट डॉक्टर्स, निदेशक तक की नियुक्ति की समयावधि सुनिश्चित है। ऐसे में ठेका कर्मियों का एम्स में रहने का दावा और हटाए जाने पर संस्थान के खिलाफ धरना-प्रदर्शन जैसी गतिविधियां गलत हैं।
एम्स प्रशासन ने जताया सीएम का आभार
एम्स के आसपास जारी गतिरोध और निदेशक एम्स को सिक्योरिटी मुहैया कराने में सहयोग पर संस्थान ने उत्तराखंड मुख्यमंत्री हरीश रावत का आभार जताया है। निदेशक डॉ. राजकुमार ने बताया कि वह बीती तीन फरवरी को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में जारी गतिरोध और संस्थान के खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शन के मामले में मुख्यमंत्री से मिले थे, जिस पर उन्होंने संस्थान के सुचारू संचालन में सहयोग का भरोसा दिया था।
निदेशक ने बताया कि शनिवार को एम्स परिसर में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। उन्हें सरकार की ओर से अंगरक्षक मुहैया करा दिया गया है। बताया कि सीएम ने अन्य लंबित मामलों में भी शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
सफाई कर्मियों ने फूंका एम्स प्रशासन का पुतला
सफाई कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश से ठेका सफाईकर्मियों को निकाले जाने के विरोध में धरना प्रदर्शन शनिवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। आंदोलित सफाई कर्मियों ने उन्हें उपद्रवी और अराजक कहे पर आक्रोशित जताया और एम्स प्रशासन की शव यात्रा निकाली और पुतला दहन किया। उधर, एम्स के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सुरक्षाकर्मियों ने एम्स गेट पर दिए जा रहे धरने को वहां से हटा दिया।
शनिवार को संघर्ष समिति के बैनर तले एम्स से हटाए गए कांट्रैक्ट सफाईकर्मियों का संस्थान के खिलाफ धरना प्रदर्शन जारी रहा। पूर्वाह्न में आंदोलित सफाई कर्मियों ने धरना स्थल पर एम्स प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और संस्थान के निदेशक डॉ. राजकुमार के पुतले की शवयात्रा निकाली। उन्होंने बाबा काली कमली संस्कृत महाविद्यालय के समीप बैराज रोड पर निदेशक का पुतला फूंका।
इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति सजवाण और बसपा के हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र प्रभारी रवि कुमार जैन ने धरना स्थल पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों में राकेश पारछा, रविंद्र विरला, छोटूराम, दीपक कुमार, अरुण, महेंद्र पाल, गीता देवी, संगीता देवी, गौरी, नैना, अल्का, सुरजीत, ओमपाल आदि शामिल थे।
सिक्योरिटी एजेंसी समेत 17 के खिलाफ नोटिस जारी
न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन ने ऋषिकेश एम्स संस्थान के खिलाफ जारी आंदोलन के मामले में निषेधाज्ञा के उल्लंघन संबंधी संस्थान द्वारा दायर वाद पर सिक्योरिटी एजेंसी समेत 17 लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। इसमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की परिधि के 200 मीटर तक धरना प्रदर्शन नहीं करने का आदेश दिया गया है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश की ओर से ए. ए. फाउंडेशन फॉर सिक्योरिटी के खिलाफ अपर जिला न्यायाधीश, द्वितीय प्रभारी सिविल जज सीनियर डिवीजन ऋषिकेश की अदालत में वाद दायर किया गया था। इस पर न्यायालय ने पांच फरवरी शुक्रवार को ए. ए. फाउंडेशन फॉर सिक्योरिटी कंपनी समेत दीपक, रोहित ढिंगे, छोटूराम, अशोक, राम कुमार, शुभम, अरुण, प्रभा देवी, गौरव, सुजीत, अजय, गीता रानी, गौरी, जसबीर, प्रदीप और राकेश कुमार के खिलाफ नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
अग्रिम आदेश तक निषेधाज्ञा लागू करते हुए संबंधित लोगों को संस्थान की परिधि के 200 मीटर तक किसी प्रकार का धरना प्रदर्शन, चिकित्सा संस्थान के कार्य में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अवरोध उत्पन्न नहीं करने को कहा गया है। उपजिलाधिकारी अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि एम्स संस्थान के 200 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार का आंदोलन, धरना प्रदर्शन नहीं करने दिया जाएगा। एम्स को कानून व्यवस्था बनाने में प्रशासन पूरा सहयोग कर रहा है।