उत्तराखंड सचिवालय में अटैचमेंट को लेकर खींचतान इस हद तक पहुंच गई है कि शासन के अधिकारी ही एक-दूसरे के आदेशों को पलीता लगा रहे हैं।
प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन ने मुख्यमंत्री के कार्यालय में अटैच शिक्षा निदेशालय के प्रधान सहायक सहित 12 कर्मचारियों का अटैचमेंट समाप्त कर इन्हें मूल तैनाती पर भेजने के आदेश दिए थे। वहीं, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने इन कर्मचारियों को मूल तैनाती के बजाय सचिवालय के अन्य विभागों में अटैच करने के आदेश जारी कर दिया हैं।
सचिव सचिवालय प्रशासन के आदेश के बिना ही मुख्यमंत्री कार्यालय में 12 कर्मचारी वर्षों से अटैच थे। सीएम जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय में इनके अटैच होने से कार्यालय की गोपनीयता पर सवाल खड़े हो रहे थे। ऐसी भी शिकायतें मिली थीं कि किसी मामले में निर्णय होने से पहले ही सूचनाएं संबंधित कर्मचारियों के विभागों तक पहुंच रही थीं।
इसे देखते हुए प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन ने इन कर्मचारियों की संबद्धता समाप्त कर मूल विभाग में भेजने के आदेश दिए थे, लेकिन अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने अब आदेश जारी किया है कि इन कर्मचारियों को यदि मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात नहीं किया जाता तो सचिवालय के अन्य विभागों में तैनात किया जाए। प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन को लिखे पत्र में यह भी कहा गया है कि राज्य बीज प्रमाणीकरण में कनिष्ठ सहायक वीरेंद्र सिंह पंवार को उनके कार्यालय में तैनात किया जाए।
यह कर्मचारी हैं अटैच
प्रधान सहायक शिक्षा निदेशालय अमित डोभाल, कंप्यूटर आपरेटर पशुपालन विभाग वीरेंद्र सिंह गुसांई, कंप्यूटर आपरेटर भू तत्व एवं खनिकर्म इकाई विपुराज नेगी, परिचारक गढ़वाल मंडल विकास निगम नरेश ममगाई व चंद्रवीर सिंह मखलोगा, परिचारक आयुर्वेदिक विभाग सतपाल रौतेला, परिचारक उत्तराखंड राज्य बीज प्रमाणीकरण अजय सिंह भंडारी, कनिष्ठ सहायक गढ़वाल मंडल विकास निगम सुधीर रौथाण, गढ़वाल मंडल विकास निगम में कनिष्ठ सहायक मनवर सिंह नेगी, स्टेनो नत्था सिंह रौथाण व संस्कृति विभाग में कनिष्ठ सहायक मोहन सिंह।
कर्मचारियों ने प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनका सचिवालय में समायोजन हो सकता है। इस पर इन कर्मचारियों को छह महीने तक के लिए सचिवालय में अटैच रखने के लिए कहा गया है। लेकिन अब सचिवालय प्रशासन की ओर से कहा जा रहा है कि इस तरह के सभी कर्मचारियों को सचिवालय से बाहर किया जा रहा है। सचिवालय प्रशासन का यही फैसला है तो ठीक है।
- ओम प्रकाश अपर मुख्य सचिव