कोटेदारों की मांग पर राशन गोदामों में इलेक्ट्रिक तराजू तो लगा दिया गया, लेकिन डीलरों को अभी भी राशन तौलकर नहीं दिया जा रहा है।
इस मामले में डीलर विभागीय अधिकारियों पर राशन तौलकर नहीं देने का आरोप लगा रहे हैं तो अधिकारी डीलरों पर आरोप लगा रहे हैं कि वह राशन तौलकर नहीं लेते। विभाग और डीलरों के आरोप-प्रत्यारोप के इस खेल में मारा जा रहा है तो आम आदमी का हक।
दरअसल, गोदाम से डीलरों को फटी बोरियों में राशन दे दिया जाता है। इसमें डीलर राशन कम होने की आशंका जताते हैं, लेकिन कोई डीलर विभाग में इसकी शिकायत नहीं करता। नाम न छापने की शर्त डीलर बताते हैं कि यदि गोदाम में कोई डीलर राशन तौलाकर लेने को कहता है तो उसे शाम तक लटका दिया जाता है।
गोदाम के कर्मचारी जानबूझकर राशन तौलकर देने में देरी करते हैं। उधर, इस पर वरिष्ठ विपणन अधिकारी कैलाशचन्द्र पांडेय ने कहा कि जो डीलर राशन तौलकर लेना चाहते हैं, उन्हें तौलकर दिया जाता है। गोदाम से दिए जाने वाले राशन की तौल के संबंध में पिछले एक साल से किसी डीलर की शिकायत नहीं आई है।
गोदाम से विक्रेताओं को राशन तौलकर ही दिया जाना चाहिए। इसके लिए जिलापूर्ति अधिकारी के माध्यम से खाद्य सचिव को पत्र भेजा गया है। इसके बावजूद भी कोटेदारों को राशन तौलकर नहीं मिलता है। इस संबंध में जल्द ही प्रतिनिधिमंडल उच्चाधिकारियों से मिलेगा।
- जितेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष उत्तराखंड सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद