ऐसी स्थिति में मांसपेशियों में खिंचाव होता है और दर्द शुरू हो जाता है। मेडिकल साइंस में इसे ‘ह्यूमिड क्रैंप’ भी कहते हैं। इसके अलावा जो लोग पहले ही गठिया, स्पॉडिलाइटिस या कमर दर्द की परेशानी से जूझ रहे हैं, उनकी मुसीबतें और बढ़ गई है।
डॉ. सिंह का कहना है कि अस्पताल की ओपीडी में बड़ी तादात में मरीज गठिया, कमर दर्द, मांसपेशियों में दर्द की शिकायत लेकर आ रहे हैं। मरीजों को दवा के साथ ही सर्दी और गर्मी से बचाव की सलाह दी जा रही है।
मौसम के इस बदलाव से वायरल का खतरा तेजी से बढ़ा है। कोरोनेशन अस्पताल के सीएमएस डॉ. एलसी पुनेठा के मुताबिक, अस्पताल के ओपीडी में वायरल से पीड़ित भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। ज्यादातर मरीजों को सर्दी, जुकाम, खांसी या वायरल बुखार है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर वायरल का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है।
डायरिया और पीलिया से बचने को पानी उबालकर पीएं
खुले में बिक रहे खानेपीने की चीजों का इस्तेमाल न करें
बारिश में भीगने से बचें और आसपास पानी न जमा होने दें
कूलर आदि का पानी निकाल दें, सुबह-शाम पूरी आस्तीन का कपड़ा पहनें
मलेरिया से बचने के लिए नालियों में फिनायल या जला मोबिल आयल डालें
बासी भोजन से परहेज करें, कुछ होने पर तत्काल विशेषज्ञ से संपर्क करें