अपने कड़े अनुशासन के लिए जाने जानी वाली भारतीय जनता पार्टी में अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ पार्टी बैकफुट पर दिख रही है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अनुशासन तोड़ने वालों के खिलाफ नरम रुख सिर्फ जांच समिति गठित करने तक सीमित रह गया है।
हाल ही में प्रदेश महिला मोर्चा और महानगर इकाई में सार्वजनिक मंच पर हुए विवाद से पहले पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी की जनसभा में हंगामे की जांच ठंडे बस्ते में पड़ी है। भाजपा के ही तमाम नेता दबी जुबान में यह कह रहे हैं कि अनुशासन के नाम पर जांच समितियां तो बनाई जाती हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई होती नहीं दिखती। रुड़की में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दौरान शीर्ष नेतृत्व की आपत्ति के बाद भी प्रदेश संगठन सबक लेता नजर नहीं रहा है।
राजपुर रोड स्थित एक होटल में 18 सितंबर को मंच पर बैठने को लेकर महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष नीलम सहगल, महानगर अध्यक्ष बृजलेश गुप्ता और महानगर इकाई की कंचन ठाकुर में विवाद हो गया था। मनमुटाव इतना बढ़ा कि महानगर अध्यक्ष उमेश अग्रवाल, महानगर युवा मोर्चा इकाई से होते हुए प्रदेश नेतृत्व और फिर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू तक पहुंचा।
नाराज खंडूरी ने भाषण अधूरा छोड़कर सुनाई थी खरीखोटी
भुवन चंद खंडूड़ी
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विवाद बढ़ता देख समिति गठित कर प्रदेश महामंत्री खजानदास और नरेश बंसल को जांच का जिम्मा सौंपा गया। लगभग एक माह का वक्त पूरा होने वाला है, लेकिन अब तक इस मामले में भी हाईकमान ने ऐसा कोई साफ संदेश नहीं दिया, जिससे अनुशासन का डर बना रहे।
19 अगस्त को पर्दाफाश यात्रा के बाद रायपुर स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में पूर्व मुख्यमंत्री एवं गढ़वाल सांसद भुवन चंद्र खंडूरी के भाषण के दौरान हुई अव्यवस्था पर भी कोई ठोस कार्रवाई आज तक नहीं हुई। वेडिंग प्वाइंट में आयोजित सभा में खंडूरी का भाषण शुरू होते ही तमाम कार्यकर्ता उठकर लंच करने चल दिए थे। कुछ नेताओं के रोकने पर भी ये कार्यकर्ता नहीं माने।
इससे नाराज खंडूरी ने भाषण अधूरा छोड़कर मंच पर मौजूद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को खूब खरी खोटी सुनाई थी। वरिष्ठ नेता की नाराजगी को देखते हुए हाईकमान ने जांच समिति भी बनाई। कार्रवाई के नाम पर कुछ जिलाध्यक्षों, मंडल अध्यक्षों, मोर्चा अध्यक्षों से जवाब मांगा गया, लेकिन यहां भी मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
कुछ अन्य प्रमुख मामले
अमित शाह
- फोटो : File Photo
25 जून 2016 : हरिद्वार में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की शंखनाद रैली के लिए पहुंचे प्रदेश स्तरीय नेताओं में गेस्ट हाउस में कक्ष न मिलने पर तनातनी हुई।
26 जून 2016: हल्द्वानी में पार्टी की प्रांतीय परिषद की बैठक के लिए पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ फोटो खिंचाने की होड़ में धक्कामुक्की
20 फरवरी 2016 : जेनएयू प्रकरण में क्वालिटी चौक पर महानगर भाजपा द्वारा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के पुतला दहन कार्यक्रम में फोटो खिंचाने की होड़ में महिला कार्यकत्रियों से धक्कामुक्की। जांच को समिति बनी, लेकिन अनुशासनहीन नेताओं पर कोई आंच नहीं।
23 अक्तूबर 2015: डोईवाला ग्रामीण मंडल अध्यक्ष की दावेदारी को लेकर राजेंद्र तड़ियाल और राजेंद्र मनवाल के साथ समर्थकों का पार्टी प्रदेश मुख्यालय पर हंगामा, हाथापाई भी हुई। यहां भी समिति बनाई गई, लेकिन स्थिति वहीं ढाक के तीन पात वाली रही।
भाजपा एक अनुशासित परिवार की तरह है। छोटी-छोटी बातों और भूलवश हुई गलती से उपजे आपसी विवाद को वरिष्ठ नेताओं द्वारा आपसी समझबूझ से सुलझा दिया जाता है। कोई बड़ों की बातों को जानबूझकर नजरअंदाज करे, तो यह बर्दाश्त नहीं होगा। फिलहाल सभी कार्यकर्ता 2017 के विधानसभा चुनाव में जीत के लिए एकजुट हो गए हैं।
- खजानदास, प्रदेश महामंत्री भाजपा