वही प्रकरण में एक अन्य अधिकारी उप शिक्षा निदेशक एससीईआरटी पुष्पा रानी वर्मा को शासन ने राहत दी है। उनके मामले में बताया गया कि उस दौरान संबंधित जनपद में वह नियुक्ति अधिकारी नहीं थी। पुष्पा रानी के स्थान पर उनसे पूर्व के अधिकारी के बारे में रिपोर्ट तलब की गई है।
दरअसल, अमर उजाला के फर्जी डिग्री असली नौकरी अभियान के बाद शासन ने एसआईटी को शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच के आदेश दिए थे। जिसमें ऊधमसिंह नगर के एक उर्दू शिक्षक के प्रमाण पत्रों की जांच में पाया गया कि शिक्षक के पास हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्रमाण पत्र नहीं हैं।
आरोपी शिक्षक मामले को लेकर हाईकोर्ट गया तो हाईकोर्ट के आदेश पर प्रदेश के इस तरह के अन्य शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि विभाग में इस तरह के 52 शिक्षक हैं। पूर्व में हाईकोर्ट ने इस मामले में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही विभाग हरकत में आया।