उत्तराखंड में आपदा पीड़ित परिवारों से सरकार ने कहा है कि अगर बिल आ भी रहे हैं तो जमा न करें।
31 मार्च 2014 तक के बिल पूरी तरह माफ
सरकार ने मंगलवार को अधिसूचना जारी कर 16 जून 2013 से 31 मार्च 2014 तक के बिलों को पूरी तरह माफ कर दिया है। इस छूट का लाभ करीब साढ़ चार हजार परिवारों को मिलेगा। आपदा से पहले के बिलों (एरियर) का भुगतान उन्हें करना होगा।
हालांकि इसके लिए उन्हें एक साल तक जमा न करने की छूट दी गई है। आपदा से संबंधित बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री हरक सिंह रावत ने बताया कि आपदा प्रभावित परिवार बिजली-पानी के बिल कतई न जमा करें।
उनका कहना है कि सरकार ने इस संबंध में जीओ जारी कर दिया है। यदि किसी उपभोक्ता से बिल वसूला गया है तो यह धनराशि वापस लौटाई जाएगी।
जल्द दिया जाएगा मुआवजा
वहीं मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बताया कि केदारघाटी के दुकानदारों को उनके बह गए सामान का मुआवजा देने के लिए सरकार ने स्थानीय व्यापार सभा को आंकलन करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
किस दुकानदार का कितना नुकसान हुआ है व्यापार सभा अनुमान लगाकर सूची जिलाधिकारी को सौंपेगी। उस पर आपत्तियां आमंत्रित कर उन्हें नुकसान के आधार जल्द मुआवजा दिया जाएगा।