उत्तराखंड शासन-प्रशासन ने केंद्र सरकार के सहयोग से आपदा आने की स्थिति में राहत कार्यों का पूर्वाभ्यास किया। चार जिलों में भूकंप आने के बाद कैसे राहत दल और सामग्री वहां पहुंचाई जानी है, इसका मॉक ड्रिल देहरादून के परेड ग्राउंड में किया गया।
गुरुवार को मॉक ड्रिल में प्रदेश के चार जिलों पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली तथा उत्तरकाशी में सुबह 9.30 बजे भूकंप आना माना गया। जिसका केंद्र बिंदु कपकोट जिला बागेश्वर को मानते हुए तत्काल राहत पहुंचाने और रेस्क्यू का काम शुरू किया गया। परेड ग्राउंड में पोस्ट बनाया गया।
जिला प्रशासन की ओर से चार टीमों का गठन किया गया। जिसमें एसडीआरएफ. के 38 जवान, एनडीआरएफ की एक कंपनी, पीएसी की एक प्लाटून, पुलिस के 35 जवान, फायर सर्विस के 25, होमगार्ड के 30, पुलिस लाइन से 17 जवान, सेना की एक कंपनी, सिविल डिफेंस के 52 सदस्यों को आपदा प्रभावित जिलों में रवाना किया गया।
इनके अलावा डाक्टरों, लोक निर्माण विभाग, ऊर्जा निगम, जल संस्थान, जिला प्रशासन, नगर निगम और खाद्य विभाग के कर्मचारियों को जरुरी सामग्री के साथ भेजा गया। उत्तरकाशी के लिए परेड ग्राउंड से 12.30 बजे, चमोली के लिए 12.32 बजे, पिथौरागढ़ तथा बागेश्वर के लिए 12.35 बजे बसें रवाना की गई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी रविनाथ रमन ने कहा कि बड़ी आपदा आने पर उससे निपटने के लिए पूर्व तैयारी की गई है। ताकि प्रभावित जिलों में तत्काल रेस्क्यू आपरेशन चलाकर घायलों की तुरंत सहायता की जा सके।
इस अवसर पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल एनसी मारवाह, मेजर जनरल वीके दत्ता, सचिव आपदा प्रबंधन अमित नेगी, आईजी गढ़वाल संजय गुंज्याल, एसएसपी सदानंद दाते, अपर जिलाधिकारी देहरादून प्रताप सिंह शाह एवं झरना कमठान आदि अधिकारी उपस्थित थे।