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उत्तराखंड: महिला बरसाती नाले में बही, रोडवेज बस पर गिरा बोल्डर, गोमुख ट्रैक पर आवाजाही बंद

Wed, 08 Aug 2018 10:25 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागेश्वर/हल्द्वानी/पिथौरागढ़/गरमपानी/उत्तरकाशी
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इसी बस पर गिरा बोल्डर - फोटो : amar ujala
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उत्तराखंड के पहाड़ों में नदी-नाले उफान पर हैं। पहाड़ों से बोल्डरों का गिरना जारी है। कपकोट के सुमगढ़ में गधेरे (बरसाती नाला) में बहने से महिला की मौत हो गई। गौला में नहाते वक्त एक बालक बह गया। वहीं उत्तरकाशी में पुलिया बहने से कांवड़िए फंस गए।

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लोहाघाट में पहाड़ी से गिरे बोल्डर से रोडवेज की बस क्षतिग्रस्त हो गई। बस में सवार 32 यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई। गरमपानी में बोल्डर की चपेट में आने से कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कार चालक बाल-बाल बच गया।  मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने प्रदेश में अगले 24 घंटो में कहीं कहीं भारी वर्षा तथा 11 अगस्त को भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

कपकोट थाना क्षेत्र के सुमगढ़ में सोमवार को चारा लेने जंगल गई मोहिनी देवी (40) की दुर्गा गधेरे में बहने से मौत हो गई। जंगल से घर लौटते वक्त उससे साथ यह हादसा हुआ। इधर, हल्द्वानी में गौला नदी से 12 साल के एक बालक शव मिला है।  बनभूलपुरा पुलिस ने आशंका जताई है कि बालक नहाते वक्त नदी के तेज बहाव में बह गया होगा। अभी बालक की शिनाख्त नहीं हो पाई है। 
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25 यात्री कैलाश दर्शनकर तकलाकोट (चीन) वापस आ गए

kailash mansarovar yatra
कैलास मानसरोवर यात्रियों का दसवां दल मंगलवार को भी खराब मौसम के चलते गुंजी नहीं जा पाए। इस दल के 19 यात्री पिछले 13 दिन से पिथौरागढ़ में ही फं से हुए हैं। वहीं इस दल के 25 यात्री कैलाश दर्शनकर तकलाकोट (चीन) वापस आ गए हैं। वहीं, 9वें दल के यात्री तकलाकोट से गुंजी लौट आए हैं। 11वें दल के 41 यात्री भी चौकोड़ी से पिथौरागढ़ पहुंच गए हैं। दसवें दल के यहां रुके 19 यात्रियों को 11वें दल में मर्ज कर दिया गया है। मौसम खुलने पर 11वें दल के सभी 60 यात्रियों को वायुसेना के हेलीकाप्टरों से गुंजी भेजा जाएगा। वहीं, कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद होने से भारत-चीन व्यापार के लिए तकलाकोट जाने वाले व्यापारियों का लाखों का सामान पड़ावों में डंप हो गया है।

भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग में लोहाली की पहाड़ी से मंगलवार की शाम 4.30 बजे अल्मोड़ा से हल्द्वानी जा रही आई 10 कार पर बड़ा बोल्डर गिर गया। इससे कार क्षतिग्रस्त हो गई जबकि इसमें सवार अमित जोशी बाल-बाल बच गए। हालांकि अमित को मामूली चोटें आई है। कौश्याकटौली के एसडीएम प्रमोद कुमार ने पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों के चलते अल्मोड़ा से आने वाले वाहनों को वाया रामगढ़- नथुवाखान होते हुए भवाली भेजा। बागेश्वर जिले में पांच और मकान क्षतिग्रस्त हो गए। भटकोला और उडेरखानी गांव में दो मकान, बागेश्वर के सानिउडियार में एक गोशाल, भदौरा गांव में एक मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया।

अमतौड़ा के पंचायत भवन की छत और भवन का एक हिस्सा ढह गया। जिले में मलबे से तीन सड़कें घंटों बंद रहीं। अल्मोड़ा जिले में पिछले दो दिन में हुई बारिश के बाद मलबा आने से आठ मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें रानीखेत में तीन, भनोली, सल्ट व लमगड़ा में एक-एक और अल्मोड़ा में दो मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिले में पांच ग्रामीण मार्ग बंद हैं।  मंगलवार तड़के हुई बरसात से चंपावत जिले के आठ सड़कें मलबा आने से बंद हो गई। अलबत्ता, टनकपुर-पिथौरागढ़ के बीच निर्माणाधीन बारहमासी सड़क में यातायात सुचारु रहा।
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उत्तरकाशी में देवगाड़ पर बनी पुलिया बहने से फंसे कांवड़ यात्री, सुरक्षित निकाले

नदी पर बना पुल टूटा - फोटो : amar ujala file photo
मंगलवार तड़के गंगोत्री-गोमुख पैदल मार्ग पर देवगाड़ में उफान आने पर यहां बनी पुलिया बह गई, जिससे करीब सौ कांवड़ यात्री भोजवासा की ओर फंस गए। मौके पर पहुंची एसडीआरएफ एवं वन विभाग की टीम ने अस्थायी पुलिया बनाकर कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित गंगोत्री की ओर निकाला। फिलहाल यहां खतरा और मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन ने गोमुख की ओर आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है।

सोमवार को भी डेढ़ सौ कांवड़ यात्री गंगोत्री से गोमुख गए थे। इनमें कई देर शाम तक लौट आए थे। इस बीच अतिवृष्टि से देवगाड़ में उफान आने पर यहां बनी पुलिया बह गई, जिससे करीब सौ कांवड़ यात्री भोजवासा की ओर फंस गए। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने देवगाड़ पर लकड़ी और रस्सियों के सहारे अस्थायी पुलिया तैयार कर फंसे हुए कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित गंगोत्री की ओर निकाल दिया। मंगलवार को गोमुख जाने के लिए यहां पहुंचे कांवड़ यात्रियों को लौटा दिया गया। 

गंगोत्री नेशनल पार्क के वन क्षेत्राधिकारी प्रताप पंवार ने बताया कि बारिश के चलते देवगाड़ में उफान आया है। हालांकि यहां अस्थायी पुलिया तैयार कर फंसे हुए कांवड़ यात्रियों को तो निकाल दिया गया है, लेकिन खतरा और मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए फिलहाल गोमुख की ओर आवाजाही रोक दी गई है।

उन्होंने कहा कि मौसम साफ होने पर पर्यटकों को गोमुख की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि नेलांग वैली में भी बारिश से भैरोंघाटी-नेलांग मोटर मार्ग कुछ जगहों पर क्षतिग्रस्त हुआ है। यहां नीलापानी नदी में उफान के साथ भारी मलबा आने की सूचना है। जल्द ही मौका मुआयना करने के लिए पार्क की टीम क्षेत्र में जाएगी। 
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