थराली में आंधी से गिरे चीड़ के पेड़ की चपेट में आने से एक 12 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। तहसील के ऊंग गांव की दीक्षा (12) पुत्री कुंवर सिंह शुक्रवार शाम छह बजे अपनी सहेलियों के साथ पानी लेने गांव के नजदीक धारे पर गई थी। बताया जा रहा है कि इसी दौरान तेज आंधी आई, जिससे धारे के आसपास के कई पेड़ टूट गये।
इस दौरान दीक्षा टूटे चीड़ केे पेड़ की चपेट में आ गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। थानाध्यक्ष सुभाष जखमोला ने बताया कि दीक्षा राजीव गांधी नवोदय विद्यालय गैरसैंण में छठवीं कक्षा की छात्रा थी और इन दिनों ग्रीष्मावकाश के चलते परिवार के साथ गांव आई थी।
नयार घाटी में करीब छह घंटे तक चली मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। सतपुली में डिग्री कालेज के समीप भारी मात्रा में मलबा आने से मोटर मार्ग बंद हो गया। इसे सुबह दस बजे यातायात के लिए खोला जा सका। ओडलसैंण झरने के पास भी बड़ी मात्रा में मलबा आने से सड़क कई घंटे बाधित रही। द्वारीखाल के चैलूसैण गांव में एक गोशाला ढहने से वहां बंधी एक गाय दबकर मर गई।
नयारघाटी से लेकर द्वारीखाल चैलूसैंण तक बृहस्पतिवार की शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक मूसलाधार बारिश हुई। सतपुली कस्बे में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। यहां सड़कों, रास्तों में एक फीट तक जलभराव होने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई दुकानों एवं घरों में पानी घुसने से सामान खराब हो गया। चैलूसैंण गांव में भारी बारिश से धर्मेंद्र बिष्ट की गोशाला ढह गई, जिसमें एक गाय दबकर मर गई। पशुपालक ने अन्य मवेशियों को जान जोखिम में डालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।