सीएम ने उत्तरकाशी जिले में भी अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर बैठक की। उन्होंने जिले में डेंजर जोन को चिह्नित कर यहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने को कहा। उन्होंने आपदा प्रबंधन के लिए जनसहभागिता को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जल संरक्षण एवं वनीकरण अभियानों को सफल बनाने पर जोर दिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ददन पाल ने बताया कि आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।
संवेदनशील स्थानों का चयन कर जरूरी सुरक्षा इंतजाम एवं कर्मचारी तैनात किए गए हैं। जिले में 543 आवासों को संवेदनशील घोषित किया गया है। यहां रह रहे परिवारों को बरसात में सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 6300 स्वयं सेवियों को आपदा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है। बैठक में एसडीएम देवेंद्र नेगी, डीएफओ संदीप कुमार, ओसी कलेक्ट्रेट अनुराग आर्य, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल आदि मौजूद रहे।
वहीं पौड़ी में हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में सीएम ने डीएम को आपदा के दौरान राहत व बचाव कार्य के लिए अभी से जरूरी उपकरण खरीदने एवं कार्मिकों की नियुक्ति के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक दवा व अन्य सामग्री को संवेदनशील स्थलों, तहसील व ब्लॉक मुख्यालयों में पहुंचा दिया जाए। अतिक्रमण पर तत्काल कार्रवाई की जाए। डीएम सुशील कुमार ने बताया कि आपदा के दौरान त्वरित कार्रवाई के लिए जनपद व तहसील स्तर पर आपदा कंट्रोल रूम खोले गए हैं।