शराब पर सेस लगाने के बाद सरकार अब खनन से होने वाली आय पर सेस लगाने की तैयारी कर रही है। दोनों पर सेस से होने वाली करीब 50 करोड़ की कमाई से सरकार आपदा में बेघर होने वालों को तीन लाख रुपये की मदद दे सकेगी।
शराब और खनन राज्य की आमदनी के मुख्य सोर्स हैं। दोनों ही संसाधनों से सरकार सैकड़ों करोड़ रुपये की कमाई करती है। अकेले शराब का ही करीब दो हजार करोड़ का कारोबार है। इसी तरह से सरकार खनन से भी सालाना करीब 300 करोड़ रुपये की आय अर्जित कर रही है।
कैबिनेट की बैठक में खनन पर सेस लगाने का निर्णय हो चुका है और जल्द ही इसका शासनादेश जारी हो जाएगा। शराब पर उपकर लगाने की अधिसूचना पहले ही जारी हो चुकी है। शराब और खनन पर सेस वसूली से सरकार करीब 50 करोड़ रुपये वसूलेगी जिसे दैवीय आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त भवनों के निर्माण में इस्तेमाल होगी।
सेस लगाये जाने के बाद ही सरकार ने आपदा से क्षतिग्रस्त भवन के निर्माण की राशि को एक लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये किया है। इस अतिरिक्त धन की भरपाई सेस से ही की जाएगी।
इनका है कहना
शराब और खनन पर सेस से अर्जित राशि का इस्तेमाल आपदा प्रभावितों के क्षतिग्रस्त भवनों के निर्माण के लिए दिया जाएगा। सेस लगाये जाने के बाद ही सरकार ने इस मद की राशि को तीन लाख रुपये किया है।
- अमित सिंह नेगी, सचिव, आपदा प्रबंधन।