दैवी आपदा के बाद राहत कार्यों को लेकर लगातार सवालों में घिरी सरकार की एक बानगी और देखिए। हालात इस कदर बिगड़े हैं कि अभी तक आपदाग्रस्त क्षेत्रों के लिए अधिसूचना ही जारी नहीं हो सकी।
नतीजतन, विशेष मदद देने वाले केंद्रीय मंत्रालय अपने पत्र में स्पष्ट उल्लेख कर रहे हैं कि उक्त धनराशि केवल अधिसूचित आपदा प्रभावित क्षेत्र में ही खर्च की जाए। अभी तक कागजों पर यह बात कहीं नहीं दिखी कि कौन सा क्षेत्र आपदा से प्रभावित है।
हर आपदा के बाद सरकारें क्षेत्र को अधिसूचित करती है लेकिन इस बार अभी तक ब्लैक एंड व्हाइट में कुछ नहीं हुआ। इसका असर केंद्र के विभिन्न मंत्रालयों से आने वाली विशेष मदद पर पड़ने लगा है।
हर मंत्रालय यही हिदायत दे रहा है कि दी जाने वाली धनराशि को अधिसूचित आपदा क्षेत्र में ही खर्च करे। 2010 की आपदा में भी अधिसूचना जारी हुई थी। इसके लिए जिला, तहसील व ब्लॉक तीन पैमाने होते हैं।
हाल ही में कई मंत्रालयों ने विशेष मदद के तौर पर धनराशि या प्रोजेक्ट स्वीकृत भी कर दी लेकिन यह सशर्त की गई। उदाहरण के तौर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय से मिले पत्र में स्पष्ट किया गया कि विशेष मदद के रूप में दी जा रही धनराशि को अधिसूचित आपदाग्रस्त क्षेत्र में ही खर्च करें।
उक्त मंत्रालय ने इंदिरा आवास योजना व मनरेगा के तहत मंजूरी दी है। इसी तरह से कई मंत्रालय इसी शर्त के साथ विशेष सहायता दे रहे हैं लेकिन अभी तक राज्य में आपदा प्रभावित क्षेत्र को अधिसूचित नहीं किया जा सका।