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उत्तराखंड: अशासकीय स्कूलों में कार्यरत पीटीए शिक्षकों की निदेशालय को नहीं मिली रिपोर्ट, तीन दिन का दिया था समय

Fri, 16 May 2025 12:45 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

पीटीए शिक्षकों का कहना है कि सरकार उनके हितों की अनदेखी कर रही है। विद्यालयों में वर्षों की सेवा के बावजूद उन्हें मानदेय से वंचित रखा गया है।
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शिक्षक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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प्रदेश के अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत पीटीए शिक्षक मानदेय की परिधि में लाने की मांग के लिए आंदोलनरत हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी सीईओ से तीन दिन के भीतर इन शिक्षकों की रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन जिलों से रिपोर्ट नहीं मिली। वहीं, कुछ जिलों ने योग्यता न रखते वालों के प्रस्ताव निदेशालय को भेज दिए।

अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत पीटीए शिक्षकों का कहना है कि सरकार उनके हितों की अनदेखी कर रही है। विद्यालयों में वर्षों की सेवा के बावजूद उन्हें मानदेय से वंचित रखा गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डाॅ. मुकुल कुमार सती ने कट ऑफ डेट 30 जून 2016 के बाद नियुक्त शिक्षकों की सभी सीईओ से रिपोर्ट मांगी थी।

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शिक्षा निदेशक ने कहा, स्कूलों में स्वीकृत पद के सापेक्ष तैनात पीटीए शिक्षकों का नाम, नियमावली के अनुसार शैक्षिक योग्यता, कब से तैनात हैं व इन्हें अब तक मानदेय की परिधि में न लाने की वजह तय प्रारूप पर दी जाए, लेकिन अधिकतर जिलों ने अब तक रिपोर्ट नहीं भेजी।

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