माई सिटी रिपोर्टर देहरादून। उपनल कर्मचारियों ने राजकीय विभागों को दिए जा रहे सर्विस चार्ज और जीएसटी पर रोक लगाने और इसका भुगतान उपनल कर्मियों को करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसी नीति बनाई जाए, जिससे सर्विस चार्ज और जीएसटी का पैसा कर्मचारियों को मिले। उन्होंने कहा कि उपनल से कार्यरत कर्मचारियों को अकुशल, अर्ध कुशल, कुशल और उच्च श्रेणी वर्ग में बांटा गया है। विभागों को सर्विस चार्ज और जीएसटी के रूप में प्रतिमाह लगभग क्रमशः 2226, 2542, 2808 और 3110 रुपए मिलते हैं, जो वार्षिक क्रमशः 26711, 30502, 36700 और 35310 रुपये होती है। इसी तरह मासिक भत्ते में सर्विस चार्ज और जीएसटी 1758 है, जो वार्षिक 7032 बनता है। उन्होंने कहा कि इस सबका कर्मचारियों को भुगतान किया जाए, जिससे उनके वेतन में 2112, 3128, 3394 और 3696 की बढ़ोतरी होगी और सरकार पर कोई अतिरिक्त भार भी नहीं पड़ेगा। विरोध करने वालों में प्रमोद सिंह गोसाई, रेणु रावत, मंजुला रावत, देवेंद्र रतूड़ी, जगविंदर सिंह पवार, निशांत कुमार, संदीप कुमार, अमित बडोनी, योगेश भाटिया समेत अन्य शामिल रहे।