उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की डाकपत्थर में हुई मासिक बैठक में वेतन विसंगति समिति के माध्यम से प्रस्तुत की गई रिपोर्ट पर हुए कैबिनेट के निर्णय का विरोध किया गया। महासंघ के सदस्यों ने पुरानी पेंशन बहाली समेत वेतन संबंधी सभी मामलों में कर्मचारियों की मांगों के अनुरूप फैसला लिए जाने की मांग की। इस दौरान सदस्यों ने काला फीता बांधकर कार्य करने की बात भी कही।
मासिक बैठक में कनिष्ठ अभियंता के डाउन ग्रेड पे वेतनमान पर वेतन विसंगति समिति के माध्यम से दी गई रिपोर्ट पर कैबिनेट की मंजूरी दिए जाने को गलत निर्णय बताया गया। बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रदीप कुमार व प्रीतम सिंह तोमर ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के अलावा एसीपी 10, 20 व 30 वर्ष के स्थान पर पूर्व की भांति 10, 16 और 26 वर्ष की जानी चाहिए। इसके अलावा वर्ष 2011 में नियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं को 10 वर्ष की सेवा के पश्चात ग्रेड पे रूपए 5400 हजार रुपये का लाभ प्रदान किया जाना चाहिए। सभी अभियंत्रण विभागों की एक समान नियमावली, अपर सहायक अभियंता से ऊपर के अभियंताओं का भी जॉब चार्ट निर्धारित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महासंघ की निरंतर मजबूती के लिए प्रत्येक माह की दो तारीख को शाखाओं में बैठक की जाएगी। इस दौरान इंजीनियर्स ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शन करने वालों में जनपद देहरादून के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह श्रीकोटी, महासंघ के मंडल अध्यक्ष जगमोहन सिंह रावत, मुनीष बाबरा, प्रदीप उनियाल, राजेश तिवारी, भानू जोशी, पंकज बडोनी, संदीप राठौर, आदर्श, हरीश घलवान, रणदीप रमाल्टा, चैन सिंह चौहान, चमन सिंह नेगी, धीरेंद्र कुंवर, प्रीतम सिंह तोमर शामिल रहे।