हरिपुर कालसी स्थित यमुना नदी के किनारे बने श्मशान घाट पर लकड़ी की व्यवस्था नहीं है। अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को इधर-उधर से लकड़ी की व्यवस्था करनी पड़ती है। स्थानीय निवासियों ने वन मंत्री से कालसी में वन डिपो खोलने की मांग की है।
हरिपुर कालसी में यमुना नदी के किनारे प्राचीन काल से श्मशान घाट बना हुआ है। यहां हरिपुर, कालसी गेट, व्यासभूड, व्यास नहरी के अलावा जौनसार बावर के गांवों के निवासी अंतिम संस्कार के लिए आते हैं। इसके अतिरिक्त विकासनगर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्र व पछवादून के अन्य क्षेत्राें के निवासी भी शवों को अंतिम क्रिया के लिए यहां लाते हैं। श्मशान घाट पर लकड़ी उपलब्ध नहीं होने से उन्हे परेशानी झेलनी पड़ती है। लकड़ी के इंतजाम के लिए विकासनगर स्थित लकड़ी की टाल पर जाना पड़ता है। इसमें समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। स्थानीय निवासियों ने प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल को ज्ञापन भेजकर श्मशान घाट के आसपास वन निगम का डिपो खुलवाने की मांग की है। ज्ञापन भेजने वालों में पूर्व प्रधान रेखा देवी, चतर सिंह, विकास खन्ना, दीपक चौहान, लायक राम, सूरज खन्ना आदि शामिल हैं।