रुड़की कोर्ट परिसर में देवपाल राणा की हत्या के मामले में दून में पकड़े गए विकास के बयान के आधार पर आशारोड़ी पुलिस चौकी के दारोगा समेत तीन पुलिस कर्मियाें पर कार्रवाई की गाज गिर गई। एसएसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया है। चेकिंग न होने के कारण विकास बड़ी आसानी से देहरादून में प्रवेश कर गया था।
रुड़की कोर्ट में पुलिस अभिरक्षा में पेशी पर आए शातिर देवपाल राणा की 20 नवंबर को गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। दो आरोपी तो मौके पर पकड़े गए थे, जबकि तीसरे आरोपी विकास को शहर कोतवाली पुलिस ने रेसकोर्स वैली के पास से दबोच लिया था।
रुड़की की घटना के बाद जिले भर में पुलिस को चेकिंग करने के आदेश दिए गए थे। पुलिस पूछताछ में विकास ने बताया कि जिस समय वह देहरादून में आया था, तब किसी तरह की चेकिंग नहीं थी, जिससे उसे आने में कोई दिक्कत नहीं हुई।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लापरवाह पुलिस कर्मियाें के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने चौकी के दारोगा रमेश पाल सिंह, कांस्टेबल धर्मेन्द्र और राजबीर सिंह को निलंबित कर दिया है।