- श्रद्धालुओं ने दी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति
संवाद न्यूज एजेंसी
साहिया। उदपाल्टा व कुरोली गांव के ईष्ट देवता बतीशर की देव पालकी को दर्शन के लिए गर्भ गृह से बाहर लाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में काफी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने देवता के जयकारे लगाए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जौनसारी परंपरा पर आधारित लोक गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति भी दी।
गांव के ईष्ट देवता की पालकी को मंदिर से बाहर लाकर नचाए जाने की परंपरा पहले से चली आ रही है। इसी क्रम में मंगलवार की सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई थी। सभी प्रकार की तैयारियों के बाद लगभग दो बजे देव पालकी को मंदिर के गर्भ गृह से बाहर लाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने देवता के जयकारे लगाए और वह देव पालकी को लेकर नृत्य करने लगे। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने देव पालकी के दर्शन करके प्रार्थना भी की।
करीब तीन घंटे तक चले कार्यक्रम के बाद देव पालकी को पुन: मंदिर में विराजमान कराया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद भी ग्रहण किया। कार्यक्रम में मंदिर समिति के अध्यक्ष यशपाल राय, पुजारी राजेंद्र शर्मा, विद्या दत्त शर्मा, स्याणा राजेंद्र सिंह राय, ग्राम प्रधान बबली राय, सतपाल राय, रण सिंह राय, जालम सिंह राय, पूरण सिंह, हरी सिंह, नारायण सिंह, देवेंद्र राय, अमीर राय, राकेश राय आदि उपस्थित रहे।