श्रावण मास के पहले सोमवार पर मंदिरों में भोलेनाथ के दर्शनों को श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। टपकेश्वर मंदिर में सुबह चार बजे से ही श्रद्धालु जलाभिषेक को पहुंचने लगे थे। शाम को मंदिरों में भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया।
टपकेश्वर मंदिर में सुबह चार बजे भोले बाबा का विशेष अभिषेक कर श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए गए थे। दोपहर तक मंदिर में श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। भोलेनाथ को बेल-पत्री चढ़ा विशेष आरती की गई। मंदिर के स्वामी किशन गिरी ने बताया कि शाम को भगवान का दूधेश्वर श्रृंगार किया गया।
कथा को सुनने का महत्व
श्री पृथ्वीनाथ मंदिर में प्रात: सामूहिक रूद्राभिषेक किया गया। मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी मनीष गुप्ता ने बताया कि भोलेनाथ का विशेष पूजन कर क्षमा-प्रार्थना की गई। इसके बाद खीर का प्रसाद वितरित किया गया। शाम को महादेव का पुष्पों से श्रृंगार किया गया। डाकरा स्थित श्री नागेश्वर मंदिर में शिव-महापुराण कथा की शुरुआत हो गई। इस मौके पर महंत विश्वनाथ योगी ने कहा कि श्रावण मास में इस कथा को सुनने का बेहद महत्व है।
पटेलनगर स्थित श्याम सुंदर मंदिर में भोलेनाथ का पूजन कर विशेष श्रृंगार किया गया। इस मौके पर शिव-मंत्रों का जाप किया गया।
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