danger zone, badrinath highway, chardham yatra
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जिनके रोम-रोम में शिव हैं वह हंस के विष पिया करते हैं, हालात उन्हें क्या डराएंगे जो शृंगार ही भय का किया करते हैं। यह उद्घोष करते बृहस्पतिवार को चारधाम यात्रा में पहुंचे श्रद्धालु आस्थापथ पर बढ़ रहे थे। श्रद्धालु वर्ष 2013 में यात्राकाल के दौरान हुई जल प्रलय को भुलाकर इस बार दोगुने उत्साह के साथ आस्थापथ पर रवाना हुए।
पहली बार यात्रा में पहुंचे श्रद्धालु
मैं पहली बार चारधाम यात्रा में शामिल होने आया हूं। पवित्र तीर्थों की यात्रा पर जाने का सौभाग्य बड़ी मुश्किल से मिला है। जब बाबा केदार ने बुलाया है तो डर किस बात का।
हनुमान
मेरी लंबे समय से उत्तराखंड के धामों की यात्रा में जाने की इच्छा थी। किन्हीं कारणों से मैं अब तक यात्रा में नहीं जा सकी। इस बार बाबा केदार व भगवान बदरी का बुलावा आया है, लिहाजा मुझे चारधाम यात्रा में जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
रामपुरी देवी
मुझे चारधाम जाने का पहली बार सौभाग्य प्राप्त हुआ है। वर्ष 2013 आपदा के बाद परिवार ने यात्रा में जाने के लिए इंतजार करने को कहा। अब जाकर बाबा केदार के बुलावा के बाद मेरा इंतजार खत्म हुआ है।
हरि नारायण
आपदा के बाद आई खबरों से पता चला कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने पूरी व्यवस्थाएं चाकचौबंद कर ली हैं। पहली बार चारधाम यात्रा में जाना मेरे लिए बड़े सौभाग्य की बात है।
रुकमा देवी
वर्ष 2013 में अपने परिवार के साथ चारधाम यात्रा में जाने की सोच रहा था, लेकिन इसी दौरान केदारनाथ में भयंकर जलप्रलय आने के कारण यात्रा निरस्त हो गई, लेकिन इस साल बाबा केदार और भगवान बदरीनाथ ने बुलाया है।
राम नारायण
मैं अपने परिवार के कल्याण व सुख-समृद्धि के लिए पहली बार चारधाम यात्रा में जा रही हूं। यात्रा में जाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।
छोटा देवी