गर्जिया मंदिर के पास कोसी नदी के गहरे कुंड में नहाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। नहाते समय यहां कई लोगों की मौत होने और महाशीर मछली के संरक्षण की वजह से यह फैसला लिया गया। अब यहां नहाने वाले से दो हजार रुपये तक का जुर्माना वसूला जा सकता है।
बीती 13 अक्तूबर को दिल्ली से दोस्तों के साथ घूमने आई हल्द्वानी निवासी कशिश उर्फ बबली की कोसी नदी के कुंड में नहाते समय डूबकर मौत हो गई थी। इससे पहले भी यहां डूबने से कई लोगों की मृत्यु हो चुकी है। हरकत में आए वन विभाग ने कुंड के पास दो बोर्ड लगवा दिए हैं। हालांकि बरसात में इन बोर्डों के बहने का खतरा है।
रामनगर वन प्रभाग के एसडीओ केएन भारती ने बताया कि इस गहरे कुंड में लुप्तप्राय महाशीर रहती है। इसे टाइगर ऑफ वाटर भी कहा जाता है। महाशीर संरक्षण के लिए वन विभाग की टीम नदियों के किनारे भी गश्त कर रही है। कुछ साल पहले सल्ट क्षेत्र अल्मोड़ा के ग्राम इनलू में विशालकाय महाशीर मारने पर कई ग्रामीणों को जेल तक जाना पड़ा था।