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सीएम के ऐलान पर सरकारी सुस्ती का ताला

Sun, 29 Dec 2013 04:12 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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राजधानी में योजनाएं बनाई जाती हैं और उनका ऐलान भी किया जाता है लेकिन सुस्ती का ताला ऐसा लगा है कि एक भी योजना गति नहीं पकड़ पा रही है।
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फ्लाईओवर से लेकर फुट ओवर ब्रिज तक बनाने की घोषणा होती है। लोग सुविधाएं मिलने के सपने देखने लगते हैं लेकिन संबंधित विभाग कहीं और व्यस्त हो जाते हैं।

अधर में फ्लाईओवर
राजधानी में चार फ्लाईओवर और एक रेलवे ओवर ब्रिज बनाने के लिए मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने सात मार्च को शिलान्यास किया था। तब उन्होंने कहा था कि एक माह में इन पर कार्य शुरू हो जाएगा। 10 माह पूरे होने जा रहे है, लेकिन किसी भी फ्लाईओवर का काम ठीक से शुरू नहीं हो पाया है।

आईएसबीटी पर दिखाने में मशीनें जरूर खड़ी कर दी गई हैं। जोगीवाला, बल्लीवाला और बल्लूपुर चौक के पास फ्लाईओवर बनाने का कार्य कब शुरू होगा, इसका कोई अतापता नहीं है।
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ईपीआई कंपनी मनमर्जी से काम कर रही है। सभी फ्लाईओवर का काम 2014 के आखिर तक पूरा होना था, लेकिन अब ऐसा संभव नहीं है।

फुट ओवरब्रिज है प्रस्तावित
शहर में तहसील चौक, घंटाघर, दर्शनलाल चौक, गांधी पार्क और एस्लेहाल के पास फुट ओवरब्रिज बनाने की तैयारी थी। इसके लिए एमडीडीए ने प्रस्ताव तैयार किया था और तय किया था कि इन्हें दिसंबर 2014 तक बना दिया जाएगा। लेकिन अब तक एक का भी कार्य नहीं शुरू हो पाया है।

मामले में नगर निगम, मेडिकल एजूकेशन, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य सरकारी एजेंसियों से एनओसी ही नहीं मिल पाई है।

ड्रेनेज सिस्टम लटका
आईएसबीटी से क्लेमेंटटाउन के बीच एमडीडीए की ओर से 19 करोड़ की लागत से ड्रेनेज बनाया जाना था। पेयजल निगम की ओर से एक साल पहले प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन कैंट बोर्ड और एमडीडीए के बीच विवाद के कारण यह लटका हुआ है।

ड्रेनेज बन जाए तो आईएसबीटी सहित लगभग आधा दर्जन से अधिक कालोनियों को बारिश में जल भराव की समस्या से निजात मिल जाएगी। इसके लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई थी।

सब स्टेशन पर भी विवाद
राजधानी की बिजली ओवरलोडिंग की समस्या को दूर करने के लिए झाझरा में पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन की ओर से 400 केवीए क्षमता का सब स्टेशन बनाया जा रहा है। अप्रैल 2013 तक इसका काम पूरा हो जाना था, लेकिन अभी तक टावर ही नहीं खड़े हो पाए हैं।
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टावर खड़े करने और लाइनें खींचने पर विवाद चल रहा है। मामला कब तक सुलझ पाएगा इसका अंदाजा संबंधित अधिकारियों को भी नहीं है।

इनकी सुनिए
झाझरा के बिजली सब स्टेशन को अगले साल के पहले माह में शुरू होने की संभावना है। इस संबंध में स्थानीय लोगों की ओर से जो विवाद खड़ा किया गया था, उसे दूर कर लिया गया है।
-एसएस यादव, प्रबंध निदेशक, पिटकुल
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