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उत्तराखंड: तीर्थ पुरोहितों ने 15 अगस्त तक गंगोत्री धाम में बाहरी लोगों के प्रवेश पर लगाया प्रतिबंधित

Tue, 28 Jul 2020 08:47 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी/बड़कोट

सार

  • कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए तीर्थपुरोहितों ने बैठक कर लिया निर्णय
  • कहा, बढ़ते संक्रमण के बीच सभी के लिए यात्रा खोलना सही नहीं
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धरने पर बैठे तीर्थ पुरोहित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के खिलाफ आंदोलन पर डटे गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए 29 जुलाई से 15 अगस्त तक गंगोत्री धाम में बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है।

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कहा गया कि बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए यात्रा शुरू होने से स्थिति और विकट हो सकती है। उधर यमुनोत्री धाम में भी तीर्थ पुरोहित सुबह एवं शाम की आरती के लिए ही मंदिर खोल रहे हैं। शेष समय मंदिर बंद रहने से तीर्थयात्री बिना दर्शन और पूजा-अर्चना के लौटने को मजबूर हैं।

मंगलवार को गंगोत्री धाम में तीर्थ पुरोहितों, साधु संतों एवं व्यापारियों की बैठक हुई। बैठक में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच चार धाम यात्रा पर चर्चा की गई। तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच राज्य सरकार ने सभी लोगों के लिए चार धाम यात्रा खोलने की घोषणा कर दी है, जिससे धामों तक संक्रमण फैलने का खतरा पैदा हो गया है।
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बैठक में सर्वसम्मति से 29 जुलाई से 15 अगस्त तक गंगोत्री धाम के प्रवेश द्वार को बंद कर धाम में बाहरी क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति को नहीं घुसने दिए जाने का निर्णय लिया। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष पं. सुरेश सेमवाल एवं सचिव दीपक सेमवाल ने इस संबंध में डीएम को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है। 

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वार्ता कर निकालेंगे समाधान

उधर यमुनोत्री में पंच पंडा समाज के अध्यक्ष वेदप्रकाश उनियाल, मनमोहन उनियाल, रमण प्रसाद, खिलानंद उनियाल आदि ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण अमरनाथ एवं कांवड़ यात्रा स्थगित की जा चुकी है। ऐसे में चार धाम यात्रा शुरू करना खतरे से खाली नहीं है। उन्होंने कहा कि यमुनोत्री में सुबह एवं शाम की आरती के लिए ही मंदिर खोला जाएगा। बाहर से आने वाले श्रद्धालुुओं के लिए मंदिर के द्वार बंद रहेंगे। तीर्थ पुरोहितों के इस निर्णय से बाहरी क्षेत्रों से धामों की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

केदारनाथ में तीर्थ पुरोहितों ने निकाला जुलूस
मास्टर प्लान और देवस्थानम बोर्ड के विरोध में तीर्थ पुरोहितों ने जुलूस निकालकर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार पर धाम से जुड़े लोगों को बिना विश्वास में लेकर पुनर्निर्माण कार्य कराने का आरोप लगाया। केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला के नेतृत्व में केदारनाथ में मौजूद तीर्थ पुरोहित व व्यापारियों ने मंदिर परिसर से मंदिर मार्ग व पुल तक जुलूस निकाला। मंदिर की परिक्रमा के बाद वह परिसर में धरने पर बैठ गए।

इस मौके पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार से केदारनाथ में मास्टर प्लान को निरस्त करने और चारधाम यात्रा के लिए गठित देवस्थानम बोर्ड भंग करने की मांग की। कहा कि केदारनाथ में मूलभूत सुविधाओं को जुटाने के बजाए कोरोना काल में यात्रा का संचालन किया जा रहा है, जिससे संक्रमण का खतरा बना है। मांगों का निस्तारण होने तक आंदोलन जारी रहेगा। 

चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को पूरी जांच पड़ताल के बाद ही धामों तक जाने दिया जा रहा है। सरकार की ओर से निर्धारित गाइड लाइन के साथ ही जिले में भी यात्रियों की जांच की जा रही है। तीर्थ पुरोहितों की ओर से धाम में प्रवेश बंद करने को लेकर उनसे वार्ता की जा रही है, जल्द ही इसका समाधान निकाल लिया जाएगा।
- डा. आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।
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