उधर यमुनोत्री में पंच पंडा समाज के अध्यक्ष वेदप्रकाश उनियाल, मनमोहन उनियाल, रमण प्रसाद, खिलानंद उनियाल आदि ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण अमरनाथ एवं कांवड़ यात्रा स्थगित की जा चुकी है। ऐसे में चार धाम यात्रा शुरू करना खतरे से खाली नहीं है। उन्होंने कहा कि यमुनोत्री में सुबह एवं शाम की आरती के लिए ही मंदिर खोला जाएगा। बाहर से आने वाले श्रद्धालुुओं के लिए मंदिर के द्वार बंद रहेंगे। तीर्थ पुरोहितों के इस निर्णय से बाहरी क्षेत्रों से धामों की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
केदारनाथ में तीर्थ पुरोहितों ने निकाला जुलूस
मास्टर प्लान और देवस्थानम बोर्ड के विरोध में तीर्थ पुरोहितों ने जुलूस निकालकर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार पर धाम से जुड़े लोगों को बिना विश्वास में लेकर पुनर्निर्माण कार्य कराने का आरोप लगाया। केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला के नेतृत्व में केदारनाथ में मौजूद तीर्थ पुरोहित व व्यापारियों ने मंदिर परिसर से मंदिर मार्ग व पुल तक जुलूस निकाला। मंदिर की परिक्रमा के बाद वह परिसर में धरने पर बैठ गए।
इस मौके पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार से केदारनाथ में मास्टर प्लान को निरस्त करने और चारधाम यात्रा के लिए गठित देवस्थानम बोर्ड भंग करने की मांग की। कहा कि केदारनाथ में मूलभूत सुविधाओं को जुटाने के बजाए कोरोना काल में यात्रा का संचालन किया जा रहा है, जिससे संक्रमण का खतरा बना है। मांगों का निस्तारण होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को पूरी जांच पड़ताल के बाद ही धामों तक जाने दिया जा रहा है। सरकार की ओर से निर्धारित गाइड लाइन के साथ ही जिले में भी यात्रियों की जांच की जा रही है। तीर्थ पुरोहितों की ओर से धाम में प्रवेश बंद करने को लेकर उनसे वार्ता की जा रही है, जल्द ही इसका समाधान निकाल लिया जाएगा।
- डा. आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।