बोर्ड का कहना है कि बाहरी राज्यों से यदि कोई श्रद्धालु सरकार और देवस्थानम बोर्ड की गाइडलाइन का पालन कर दर्शन के लिए आता है तो उसे रोकने का अधिकार किसी को नहीं है। मंदिर किसी की निजी संपत्ति नहीं है, यदि श्रद्धालुओं को जबरन रोका जाता है तो एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
कोविड 19 को लेकर गाइडलाइन का पालन करने वाले बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं को चारधाम में दर्शन की अनुमति दी जा रही है। इस पर किसी को आपत्ति है तो वे ज्ञापन के माध्यम से सरकार के समक्ष अपनी बात रख सकते हैं, जिस पर विचार किया जाएगा। लेकिन श्रद्धालुओं को रोकने पर जिला प्रशासन को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
-रविनाथ रमन, सीईओ, चारधाम देवस्थानम बोर्ड