फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: देवस्थानम बोर्ड पर बवाल, चारधाम तीर्थ पुरोहित और हक-हकूकधारियों ने निकाली जन आक्रोश रैली, तस्वीरें

Sat, 27 Nov 2021 06:57 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

चारधाम तीर्थ पुरोहित हक-हकूकधारी महापंचायत के प्रवक्ता डॉ. बृजेश सती ने बताया कि 27 नवंबर को देवस्थानम बोर्ड को दो साल पूरे हो गए हैं।
विज्ञापन
1 of 6
जन आक्रोश रैली - फोटो : अमर उजाला
देवस्थानम बोर्ड के विरोध में शनिवार को चारधाम तीर्थ पुरोहित और हक-हकूकधारी महापंचायत ने आक्रोश रैली निकाली। गांधी पार्क से रैली निकाल कर सचिवालय कूच किया गया। रैली के दौरान पुलिस ने सुभाष रोड स्थित बैरिकेडिंग पर तीर्थपुरोहितों को रोक लिया। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह और कांग्रेस महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा भी रैली को समर्थन देने के लिए पहुंचे।

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड पर राज्य सरकार दो दिन में निर्णय ले लेगी। बोर्ड पर वरिष्ठ भाजपा नेता मनोहर कांत ध्यानी की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति की अंतिम रिपोर्ट आ गई है। जल्द मंत्रिमंडलीय उपसमिति अध्ययन करेगी, जिस पर सरकार निर्णय ले लेगी।

महापंचायत के प्रवक्ता डॉ. बृजेश सती ने बताया कि 27 नवंबर को देवस्थानम बोर्ड को दो साल पूरे हो गए हैं। बोर्ड के विरोध में चारों धामों के तीर्थपुरोहित व हकहकूकधारियों ने काला दिवस मनाकर आक्रोश रैली निकाली। इसके अलावा चारों धामों के शीतकालीन पूजा स्थलों में भी तीर्थ पुरोहित व मंदिरों से जुड़े हकहकूकधारियों ने प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
विज्ञापन

2 of 6
जन आक्रोश रैली - फोटो : अमर उजाला
इसी क्रम में शनिवार को देहरादून के गांधी पार्क से सचिवालय तक आक्रोश रैली निकाली गई। जिसमें चारों धामों के तीर्थ पुरोहित व हक-हकूकधारी शामिल हुए। गुप्तकाशी में केदार सभा के अध्यक्ष व चारधाम महापंचायत के उपाध्यक्ष विनोद शुक्ला के नेतृत्व में यह रैली निकाली गई।
विज्ञापन

3 of 6
जन आक्रोश रैली - फोटो : अमर उजाला
देवस्थानम बोर्ड को लेकर धर्मनगरी हरिद्वार में संतों की सियासत गरमाने लगी है। संत-महंत से लेकर तीर्थ पुरोहितों के बोर्ड भंग करने की पुरजोर मांग पर उठने पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के दोनों गुट कूद पड़े हैं।

4 of 6
जन आक्रोश रैली - फोटो : अमर उजाला
अखाड़ा परिषद के दोनों गुटों में मुद्दे को लपकने की होड़ शुरू हो गई है। इनमें एक गुट सरकार से बोर्ड भंग करवाने के लिए शांतिपूर्ण वार्ता तो दूसरा गुट 30 नवंबर के बाद आंदोलन शुरू करने का दबाव बना रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में देवस्थानम बोर्ड गठित हुआ। इसमें मठ-मंदिरों पर सरकार का नियंत्रण किया गया।
विज्ञापन

5 of 6
जन आक्रोश रैली - फोटो : अमर उजाला
बोर्ड के विरोध में तीर्थ पुरोहित लगातार आंदोलन कर रहे हैं। पिछले ही दिनों पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को केदारनाथ मंदिर में दर्शनों से रोका गया। इसी सप्ताह तीर्थ पुरोहितों ने कैबिनेट मंत्रियों का घेराव किया। बोर्ड भंग करने के मुद्दे पर धर्मनगरी के मठ-मंदिर और अखाड़ा-आश्रमों में सियासत होने लगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
जन आक्रोश रैली - फोटो : अमर उजाला
अखाड़ा परिषद में दो फाड़ हैं। इन्हीं परिषद के अधीन अखाड़ों के संत-महंत जुड़े हैं। दोनों गुटों की मांग बोर्ड भंग करने की है, लेकिन रास्ते अलग-अलग हैं। दोनों गुट इस मुद्दे को लपकना चाहते हैं। सरकार से लेकर संतों में अपने वजूद का दबदबा बनाना चाहते हैं। इनमें अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी (श्री निरंजनी) गुट सरकार से वार्ता कर बोर्ड भंग करवाने का दबाव बना रहा है। जबकि अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी (महानिर्वाणी) गुट सरकार को चरणबद्ध तरीके से आंदोलन की चेतावनी दे चुका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें