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दशहरा पर देव दर्शन को उमड़ा आस्था का सैलाब

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बिसोई गांव में देव पालकी के दर्शन को उमड़ा सैलाब। - फोटो : VIKAS NAGAR
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दशहरा पर जौनसार बावर के मंदिरों में देव दर्शन को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने देव पालकियों के दर्शन कर सुख और शांति की कामना की। देर शाम तक मंदिरों में भक्तों की भीड़ जुटी रही। मंगलवार को कनबुआ, सिमोग, बमराड़, कोटी कनासर, लखवाड़, लक्सयार और बिसोई स्थित मंदिर से महासू देवता की देव पालकियों को लोगों के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बाहर निकाला गया। लोगों ने चावल, अखरोटी की बारिश कर देव स्तुति की। लोगों ने ईष्ट देवता के दर्शन कर मन्नत मांगी और भेंट चढ़ाई।
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बिसोई महासू देवता मंदिर में सुबह 11 बजे महासू देवता की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद देव पालकी को दर्शन के लिए गर्भगृह से बाहर निकाल कर नचाया गया। हर कोई देव पालकी को कंधा देने के लिए आतुर दिखा। लोगों ने देव दर्शन कर सुख और समृद्धि की कामना की। पूरा मंदिर परिसर महासू देवता के जयकारे से गूंज उठा। महासू देवता लखवाड़ और लखस्यार मंदिर में भी सुबह सात बजे से ही देव दर्शन को लोगों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया जो देर शाम तक जारी रहा। इस अवसर पर महासू मंदिर समिति के अध्यक्ष खुशी राम जोशी, बजीर महेंद्र सिंह, भंडारी परम सिंह, पुजारी किशन दत्त पाण्डेय, स्याणा गजेन्द्र सिंह चौहान, भरत सिंह, ज्ञान सिंह, बलबीर, सुंदर सिंह आदि मौजूद रहे। कनबुआ गांव में भी देव पालकियों को दर्शन के लिए बाहर निकाला गया। लोगों ने देव पालकी के दर्शन कर सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर शांति सिंह पंवार, अषाढ़ सिंह पंवार, जालम सिंह पंवार आदि मौजूद रहे।
थैना मंदिर में भी देव पालकी को लोगों के दर्शन के लिए बाहर निकाला गया। सैकड़ों की संख्या में लोगों ने देव दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस मौके पर वजीर स्वराज सिंह तोमर, दीवान सिंह भंडारी, संतराम भंडारी, बलदेव तोमर, पूर्व मंदिर समिति के अध्यक्ष शशि पाल तोमर, महानंद भट्ट, तोताराम भट्ट, अनुज भट्ट, मोहन सिंह तोमर, शमशेर तोमर, ईश्वरी भट्ट, संजय भंडारी, गोपाल तोमर, उदय माली, प्रभु लाल राजगुरू, विक्रम राजगुरु, नीतू राजगुरु आदि मौजूद रहे।
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भू लोक पर अवतरित हुए परशुराम
साहिया। तीन माह तक पाताल में रहने के बाद मंगलवार को परशुराम देवता धरती पर अवतरित हो गए। मान्यता है कि सावन की संक्रात के दिन परशुराम देवता तीन माह के लिए पाताल लोक में चले जाते हैं। फिर दशहरा के दिन दोबारा धरती पर अवतरित होने पर बोहरी गांव स्थित परशुराम देवता मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सैकड़ों की संख्या में लोगों ने देव दर्शन कर सुख और समृद्धि की कामना की। इस मौके पर मंदिर के पुजारी गुलाब सिंह चौहान भी मौजूद रहे।
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