बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों की लगातार निगरानी होगी। गृह विभाग ने उनका ब्योरा चाइल्ड इन स्ट्रीट सिच्यूएशन (सीआईएसएस) पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी पुलिस को प्रारूप उपलब्ध कराएंगी। इसके अलावा बच्चों को केंद्र और राज्य की योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए सभी विभाग मिलकर काम करेंगे। इसके लिए भविष्य की कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सड़कों पर बच्चों की स्थिति और उनके पुनर्वास सहित बालश्रम उन्मूलन के संबंध में गृह विभाग में अपर सचिव निवेदिता कुकरेती की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुलिस, श्रम, महिला कल्याण, समाज कल्याण आदि विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया था। बैठक में चर्चा हुई कि जिन बच्चों को टास्क फोर्स बाल श्रम से मुक्त कराती है उनकी निगरानी समय-समय पर नहीं की जाती। ऐसे में जरूरी है कि उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। ताकि, बच्चे दोबारा इस दलदल में न जाएं और अपने भविष्य को संवारें।
इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार के सीआईएसएस पोर्टल की जानकारी दी। यह पोर्टल बच्चों की सड़क पर स्थिति के संबंध में बनाया गया है। इस पर एक निर्धारित प्रारूप में बाल श्रम करने वाले बच्चों का ब्योरा अपलोड किया जाता है। इसके बाद उनकी निगरानी की जाती है कि इन्हें किन-किन योजनाओं का लाभ मिला। पुलिस विभाग ने बताया, जून में 32 बच्चों को रेस्क्यू किया गया था। अपर सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि इन बच्चों को किस तरह से लाभ पहुंचाया, यह जानकारी अगली बैठक में दें।
प्रमाणपत्रों के लिए लगाए जाएं कैंप
अपर सचिव ने सभी विभागों को एक साथ आकर समय-समय पर शिविर लगाने के निर्देश दिए। इनमें बच्चों के आधार कार्ड, आयु प्रमाणपत्र, आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं। उनके माता-पिता के राशन कार्ड और आय प्रमाणपत्र भी शिविर के माध्यम से बनवाए जाएं।
मोबाइल पाठशाला पढ़ाएगी श्रमिकों के बच्चों को
बैठक में मोबाइल पाठशाला के संबंध में भी विचार विमर्श किया गया। यह मोबाइल पाठशाला श्रमिकों के बच्चों को पढ़ाएगी। इसके लिए डीएम देहरादून के माध्यम से कर्मकार कल्याण बोर्ड को प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। ताकि, इसकी खरीद और बनावट पर भी जल्द निर्णय लिया जा सके।