हर घर से कूड़ा उठाने में रोजाना लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। डोर-टु-डोर कूड़ा एकत्र करने में लगी तीन कंपनियां और उनकी निगरानी करने वाली दोनों कंपनियां किस कदर लापरवाही से काम कर रही हैं शुक्रवार को इसकी एक बानगी मिली नगर आयुक्त के निरीक्षण में। लगातार खराब हो रही सफाई व्यवस्था की शिकायतों पर नगर आयुक्त ने गाड़ियों की निगरानी की तो 40 से अधिक गाडि़यां सड़कों पर चलती हुई नहीं मिली। इस पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त गौरव कुमार शुक्रवार की सुबह 11 बजे औचक निरीक्षण के लिए कूड़ा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष पहुंचे। यहां उन्होंने ईकाॅन, सनलाईट और वाटर ग्रेस कंपनी की ओर से चलाई जा रही कूड़ा गाडि़यों की गतिविधि चेक की। इस दौरान वार्ड 93, 52, 92 और 96 में चल रही गाड़ियों का प्लेबैक भी देखा। उन्होंने गाड़ियों की वास्तविक संख्या और ब्रेकडाउन गाडि़यों की संख्या को देखा और ब्रेकडाउन गाडि़यों के विकल्प की जानकारी ली। नगर आयुक्त ने पाया कि वार्ड 99 में एक गली जो गाड़ी के रूट में थी, वहां गाड़ी नहीं गई। इसके अलावा वार्डों से उठने वाले कूड़े की मात्रा के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान नगर आयुक्त ने मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खन्ना को भी मौके पर तलब कर लिया। उन्होंने मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी को कूड़ा उठान में संचालित वाहनों की सघन निगरानी करते हुए रूट कवरेज बढ़वाने के निर्देश दिए।
निगरानी के दौरान पता चला कि करीब 40 गाड़ियां नहीं चलाई जा रहीं थीं। नगर आयुक्त ने कंपनी के प्रतिनिधियों को फटकार लगाते हुए तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कंपनियों को निर्देशित किया कि किसी स्थान पर बिना किसी कारण गाड़ी न पहुंचने पर उस पर कार्रवाई की जाए। यदि गाड़ी का ब्रेकडाउन होता है तो उसकी जगह दूसरी गाड़ी भेजी जाए।
Iकिस वार्ड कितनी गाडि़यांI
ईकॉन 26 वार्डों से कूड़ा उठान करती है। इसकी 65 गाडि़यां चलती हैं।
सनलाइट 25 वार्डों से कूड़ा उठान करती है। इसकी 61 गाडि़यां चलती हैं।
वाटर ग्रेस 47 वार्डों से कूड़ा उठान करती है इसकी 94 गाडि़यां चलती हैं।