पंच केदार यात्रा मार्ग पर तीर्थयात्रियों एवं सैलानियों को गाइड से लेकर सभी मूलभूत सुविधाएं आसानी से मिलेंगी लेकिन इसके लिए तीर्थयात्रियों को शुल्क देना होगा।
केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ और रुद्रनाथ यात्रा मार्ग पर ईडीसी (ईको डेवलपमेंट कमेटी) के गठन का निर्णय लिया है। इसकी शुरुआत अगले वर्ष रुद्रनाथ मंदिर से होगी।
फिलहाल विश्व धरोहर फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब तीर्थ पैदल ट्रैक पर ही ईडीसी गठित की गई है। चार केदार सेंचुरी क्षेत्र में स्थित हैं, जबकि पंचम केदार कल्पनाथ चमोली जिले की उर्गम घाटी में गांवों के मध्य स्थित है। यहां ग्रामीण स्वयं यात्रियों के लिए सुविधाएं जुटाते हैं, लेकिन चार केदार में यात्रियों और सैलानियों के आवागमन से यात्रा मार्ग पर कचरा और खच्चरों की लीद फैली रहती है। इसके निस्तारण के लिए अभी तक कोई समुचित व्यवस्था नहीं है।
अब प्रभाग ने सेंचुरी एरिया से गुजरने वाले यात्रा मार्ग पर ईडीसी के माध्यम से साफ-सफाई करने और तीर्थयात्रियों - पर्यटकों को सुविधा देने की योजना बनाई है। ईडीसी यात्रियों व पर्यटकों को उनकी मांग के अनुसार सुविधाएं देगा। उन्हें गाइड, पोर्टर, घोड़ा-खच्चर, पेयजल, रहने और खाने की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसके लिए तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को निर्धारित शुल्क भी जमा करना होगा।
कल्पनाथ के अलावा केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ और रुद्रनाथ यात्रा मार्ग केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के सेंचुरी क्षेत्र में आते हैं। यात्राकाल में इन मार्गों पर स्थानीय ग्रामीण अस्थाई दुकानें स्थापित कर देते थे, जबकि वन विभाग सेंचुरी क्षेत्र में निर्माण कार्य हटा देता है। इससे ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों में तनातनी बनी रहती है। ईडीसी के गठन के बाद अब यह स्थिति नहीं आएगी। योजना के तहत ईडीसी में स्थानीय लोगों की कमेटी भी तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं मुहैया कराएगी।
‘ईडीसी पंच केदार यात्रा मार्ग के प्रबंधन का कार्य करेगी। साथ ही यात्रियों और सैलानियों के लिए सुविधाएं जुटाएगी। रुद्रनाथ यात्रा मार्ग पर वर्ष 2017 की तीर्थयात्रा में ईडीसी अस्तित्व में आ जाएगी। इसके बाद अन्य यात्रा मार्गों पर भी ईडीसी गठित की जाएगी। इससे सेंचुरी एरिया में साफ-सफाई बनी रहेगी। साथ ही तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सुविधाएं भी मिलेंगी।’
- नीतू लक्ष्मी एम (डीएफओ, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग, गोपेश्वर, चमोली)