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नजीबाबाद के वैभव की देसी साहिवाल प्रथम

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परेड मैदान में आयोजित पशु मेले में हरियाणा से आई 'गोल्डन' गाय को चारा खिलातीं महिलाएं।
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देहरादून। पशु मेले में हुई नस्ल प्रतियोगिता में देसी साहिवाल गायों का जलवा रहा। नजीबाबाद के वैभव की गाय ने बाजी मारी। हरियाणा के वीरेंद्र सिंह की गाय दूसरे स्थान पर रही। मेले में देश के कई राज्यों से आए भैंसे भी आकर्षण का केंद्र रहे। इनमें मोनू कमांडर, चैंपियन रुस्तम, जोधपुर का भीम, हरियाणा का सूरज आदि ने खूब वाहवाही बटोरी।
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प्रोग्रेसिव डेयरी एसोसिएशन की ओर से परेड ग्राउंड में आयोजित पशु मेले में किसानों को पशुओं के विभिन्न रोगों की जानकारी और उनसे बचाव के तरीके भी बताए गए। इस अवसर पर जम्मू विवि से आए डॉ. निलेश शर्मा ने दुधारु पशुओं में सबसे ज्यादा पाई जाने वाली बीमारी थनेला के बचाव के तरीके डेयरी मालिकों को बताए। साथ ही विभिन्न कंपनियों के स्टॉल पर डेयरी की आधुनिक तकनीकों से भी किसानों और पशुपालकों को रूबरू कराया गया। इनमें पशुओं की ब्रीडिंग से लेकर फीडिंग आदि की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के बीच बुल शो भी हुआ। इसमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान आदि राज्यों से आए भैंसों ने ध्यान आकर्षित किया। मीडिया प्रभारी नीरज ठाकुर ने बताया कि पिछले साल मेले में बुल प्रतियोगिता भी कराई गई थी, लेकिन इस बार केवल शो कराकर उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इसमें कुल 12 भैंसों ने प्रतिभाग किया। इसके अलावा नस्ल प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। इनमें मुर्राह कटिया में हरियाणा के मोमीन की भैंस ने बाजी मारी। इसके अलावा करनाल के प्रेम सिंह की भैंस द्वितीय और हिसार के कपूर बंधुओं की भैंस तृतीय स्थान पर रही। देसी साहिवाल (गाय) में वैभव नजीबाबाद प्रथम, वीरेंद्र द्वितीय रहे। चैलिस्तान नस्ल में गंगानगर राजस्थान के डॉ. संदीप की गाय प्रथम रही। बद्री नस्ल की प्रतियोगिता में उत्तरकाशी के विनोद की गाय प्रथम रही। प्रतियोगिता में नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट करनाल के डॉ. जेके पुंडीर, डॉ. अजय पाल सिंह असवाल कालसी और अतिथि जज के रूप में डॉ. प्रेम कुमार एडिशनल डायरेक्टर पशुपालन गढ़वाल उपस्थित रहे।
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