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उत्तराखंड-यूपी की नदियों का हो रहा सर्वेक्षण, तबाही रोकने को नापी जा रही नदियों की गहराई

Sat, 21 Dec 2019 10:13 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • आईएनसीए के 39वें अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस के अंतिम दिन वैज्ञानिकों ने साझा की कई जानकारी
  • भारतीय सर्वेक्षण विभाग लिडार तकनीक से कर रहा है मापन
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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बाढ़ से तबाही कैसे रोकी जाए, इसको लेकर कवायद शुरू हो गई है। केंद्र सरकार के निर्देश पर भारतीय सर्वेक्षण विभाग उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की प्रमुख नदियों की पहली बार जल की गहराई का अध्ययन कर रहा है।

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सर्वेक्षण विभाग के निदेशक श्यामवीर सिंह ने बताया कि लिडार तकनीक के जरिए प्रमुख नदियों के दोनों तरफ  पांच किलोमीटर का हवाई सर्वेक्षण किया जा रहा है। जल्द रिपोर्ट केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को सौंपी जाएगी। 

भारतीय राष्ट्रीय कार्टोग्राफी संघ (आईएनसीए) का 39वां तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस शुक्रवार को संपन्न हो गया। इस दौरान भारतीय सर्वेक्षण विभाग के निदेशक श्यामवीर सिंह ने बताया कि देश में हर साल बाढ़ से 6500 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को नुकसान होता है।

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भारत एटलस बनाने में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल

ऐसे में जल शक्ति मंत्रालय ने 3600 करोड़ रुपये की लागत से एक राष्ट्रीय जल परियोजना शुरू की है। इसके तहत बाढ़ की रोकथाम के लिए सही कदम उठाए गए है। सेमिनार के समापन पर पूर्व महासर्वेक्षक एवं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग ने कहा कि भारत एटलस बनाने में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है।

वह दुनिया के कई देशों को विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक मुद्दों पर आधारित एटलस बनाने में सहयोग करता है। तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस के समापन पर डॉ. पृथ्वीश नाग, महासर्वेक्षक लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कुमार, रियल एडमिरल अधीर अरोड़ा, डॉ. ताप्पी बनर्जी, नवीन तोमर आदि ने व्याख्यान दिए। 
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वैज्ञानिक तैयार कर रहे ज्याडल मॉडल

भारतीय सर्वेक्षण विभाग के निदेशक श्यामवीर सिंह ने बताया कि वैज्ञानिक ज्याडल मॉडल तैयार कर रहे हैं। जिसमें जीपीएस से ही 10-15 सेंटीमीटर पर शुद्धता की ऊंचाई निकाली जा सकेगी। इस मॉडल को उपयोग में लाने के बाद देश के कई पर्वतीय इलाकों में पहाड़ों की ऊंचाई को बेहद शुद्धता के साथ निकाला जा सकेगा। वर्तमान में ऊंचाई निकालने के लिए लेवलिंग टेक्नोलॉजी बेहद खर्चीली है
 
वैज्ञानिक शुभेंदु चटर्जी को सबसे शोध पत्र पुरस्कार
कांग्रेस में सर्वश्रेष्ठ शोधपत्र पढ़ने वाले वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र का पहला पुरस्कार कोलकाता के वैज्ञानिक शुभेंदु चटर्जी, द्वितीय पुरस्कार श्यामवीर सिंह और कर्नल सुनील एस फ तेहपुर को दिया गया। तीसरा पुरस्कार ओजस्वी सैनी और दीप्ति भटनागर को प्रदान किया। पोस्टर प्रतियोगिता में शिवानी पाठक और सर्वश्रेष्ठ यंत्र प्रदर्शनी में पहला पुरस्कार दिल्ली की ट्रिंबल कंपनी को दिया गया। दूसरा पुरस्कार स्वच्छ गंगा मिशन और तीसरा पुरस्कार अंसारी प्रेसिशन को प्रदान किया गया।
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