इसके अलावा ऐसे मृतक स्वयंसेवक के आश्रित पति या पत्नी संगठन में पंजीकरण के इच्छुक नहीं हैं, तो वह कुटुम्ब के जिस सदस्य के लिए संस्तुति करते हैं उसे पात्रता के आधार पर चयन के लिए अर्ह माना जाएगा। यदि आश्रित के रूप में आवेदन करने वाला सदस्य चयन में असफल हो जाता है तो कुटुम्ब का कोई अन्य अर्ह आश्रित दोबारा आवेदन कर सकता है।
आदेश में कहा गया है कि आश्रित के तौर पर चयन के लिए मृत्यु या दिव्यांग होने के पांच साल के भीतर संबंधित जिले के युवा कल्याण अधिकारी एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी कार्यालय में आवेदन कर दिया गया हो। अपरिहार्य परिस्थितियों में आवेदन करने की पांच साल की अधिकतम समय सीमा में शिथिलता शासन की अनुमति से की जा सकती है।
प्रदेश में हैं 9300 पीआरडी जवान
प्रदेश में 9300 पीआरडी जवान हैं, इसमें 600 महिलाएं हैं। विभाग की ओर से महिलाओं को मातृत्व अवकाश देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
अनुकंपा के आधार पर इन्हें मिलेगी नौकरी
- मृतक या दिव्यांग पीआरडी जवान की पत्नी या पति
- पुत्र, दत्तक पुत्र
- मृतक पीआरडी स्वयंसेवक अविवाहित था तो आश्रित अविवाहित भाई, बहन और विधवा माता
10 करोड़ किया जाएगा कारपस फंड, वित्त में गया प्रस्ताव
पीआरडी जवानों के लिए वर्तमान में कारपस फंड 50 लाख को बढ़ाकर 10 करोड़ किया जाएगा। विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव सहमति के लिए वित्त विभाग को भेजा गया है।
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सरकार ने पीआरडी जवानों के हित में कदम बढ़ाया है। उसने इनके लिए जो वादा किया उसे पूरा किया है। -रेखा आर्य, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री