क्या किसी इंसान की मौत तीन अलग-अलग समय पर हो सकती है? आप का जवाब न ही होगा, लेकिन ग्राम पंचायत अधिकारियों ने तीन बार जारी किए गए मृत्यु प्रमाण पत्रों से यह संभव कर दिखाया है। एसआईटी भूमि ने मां और बेटे के बीच चल रही जमीनी विवाद में यह फर्जीवाड़ा पकड़ा है। आईजी संजय गुंज्याल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विकासखंड के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लिखा है।
सहसपुर निवासी महेंद्र सिंह और उनकी मां सुशीला के बीच पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। महेंद्र की मां ने पिता रिडकूराम की मौत 1999 में दर्शाकर सहखातेदारी दावा कर उनकी दुकान किसी अन्य को बेच दी।
महेंद्र सिंह ने आईजी संजय गुंज्याल को प्रार्थना पत्र देकर मां को आरोपित किया था। बताया कि उसके पिता की मौत 1994 में हुई थी, जबकि मां ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर यह जालसाजी की है।