केदारनाथ विधायक मनोज रावत की पत्नी में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। रैपिड टेस्ट पॉजीटिव आने पर उनके रक्त सैंपल को एलाइजा जांच के लिए भेज दिया गया है। केदारनाथ के कांग्रेस विधायक मनोज रावत की पत्नी को तीन दिन पहले बुखार हो गया था।
उन्हें एमकेपी रोड स्थित आरोग्य धाम अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोग्य धाम के संचालक डॉ. विपुल कंडवाल ने बताया कि डेंगू के लक्षण पाए जाने पर रैपिड टेस्ट कराया गया है। रैपिड टेस्ट पॉजीटिव आने पर सैंपल एलाइजा जांच के लिए दून अस्पताल भेज दिए गए हैं। डॉ. कंडवाल ने बताया कि अब उनका स्वास्थ्य ठीक है। शनिवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी।
18 मरीजों में डेंगू की पुष्टि
शुक्रवार को 18 और मरीजों की एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसमें एक-एक मरीज बिजनौर और सहारनपुर निवासी हैं। जबकि 16 देहरादून के रहने वाले हैं। इनमें सबसे ज्यादा मरीज रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले हैं। इस तरह से जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 261 पहुंच गई है। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी सुभाष जोशी ने बताया कि डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में लगातार लार्वा सेंपल लेने के अलावा स्कूल, मोहल्लों आदि में गोष्ठी, नुक्कड़-नाटक, ऑडियो-वीडियो, सीडी समेत विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
55 घरों में ढूंढा लार्वा, नहीं मिला
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल (एसएमआई) में हुई महिला की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है। इसकी मौत डेंगू से हुई या अन्य किसी बीमारी के कारण, विभाग इसकी पड़ताल में जुट गया है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को ओल्ड सर्वे चौक क्षेत्र निवासी मृतका के घर और उसके आसपास 55 घरों में जाकर यह पता लगाया कि कहीं किसी के घर में लार्वा तो नहीं पनप रहा। लेकिन, किसी के घर में लार्वा नहीं मिला।
बृहस्पतिवार को एसएमआई में ओल्ड सर्वे चौक क्षेत्र की एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। डॉक्टरों के मुताबिक, महिला की मौत डेंगू से हुई है। अस्पताल में कराई गई उसकी एलाइजा जांच में भी डेंगू की पुष्टि हुई है। जबकि स्वास्थ्य विभाग का कहना था कि महिला दूसरी बीमारियों से भी पीड़ित थी। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग इस रिपोर्ट को नहीं मानता, लिहाजा दून अस्पताल की लैब से एलाइजा जांच कराई जाएगी।
शुक्रवार को विभाग की टीम ने एसएमआई अस्पताल जाकर केस हिस्ट्री की फोटो कॉपी ली और एलाइजा जांच के लिए सेंपल जुटाकर दून अस्पताल भेजे। उसके बाद विभाग ने एहतियातन ओल्ड सर्वे चौक क्षेत्र में आशा कार्यकर्ताओं के साथ जाकर मृतका के घर और आसपास के 55 घरों का निरीक्षण किया कि कहीं किसी घर में लार्वा तो नहीं पनप रहा। लेकिन कहीं लार्वा नहीं मिला। उसके बाद टीम ने लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक किया।