देहरादून में डेंगू के कहर को देखते हुए अब गांधी शताब्दी और कोरोनेशन अस्पताल में भी मरीजों को एलाइजा जांच की सुविधा मिलेगी। कोरोनेशन में 72 घंटे के भीतर जांच मशीन लगाई जाएगी। उसके बाद गांधी अस्पताल में मशीन लगेगी। इससे मरीजों और तीमारदारों को राहत मिलेगी। अभी तक दून अस्पताल में एलाइजा जांच होती है।
देहरादून में डेंगू का कहर जारी, 14 नए मरीजों में हुई पुष्टि
देहरादून जिले में डेंगू का कहर जारी है। स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम के तमाम प्रयासों के बावजूद टाइगर मच्छर का हमला जारी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शनिवार को 14 और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। 14 मरीजों में से 10 देहरादून के रायपुर इलाके के रहने वाले हैं, जबकि चार मरीज अन्य जिलों के हैं। जिन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, सभी मरीजों का दून अस्पताल, कोरोनेशन व गांधी शताब्दी अस्पतालों में इलाज कराया जा रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुभाष जोशी के मुताबिक जिले में अब तक 559 मरीजों में डेंगू बीमारी की पुष्टि हो चुकी है। दूसरी ओर एक निजी अस्पताल में भर्ती महिला की डेंगू बीमारी से मौत की चर्चा रही। लेकिन इस संबंध में जिला मलेरिया अधिकारी सुभाष जोशी से जानकारी ली गई तो उन्होंने ऐसी कोई जानकारी होने से इंकार किया।
जिले में तेजी से बढ़ रहे डेंगू के मरीजों को देखते हुए जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी सी रविशंकर ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल, कोरोनेशन और गांधी शताब्दी अस्पताल का निरीक्षण किया। तीनों में डेंगू पीड़ितों के लिए बनाए गए वार्ड फुल मिले। इस दौरान मरीजों ने बताया कि स्टाफ की कमी से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रमुखों ने भी डीएम के सामने स्टाफ की कमी का रोना रोया। इस पर डीएम ने दोनों अस्पतालों के प्रमुखों से बेड और स्टाफ बढ़ाने के लिए प्रस्ताव देने को कहा। उन्होंने रेडक्रॉस से प्लेटलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तैयार रहने को कहा। साथ ही मरीजों से अपील की कि वह खून चढ़ाने की जिद न करें।
डॉक्टर तय करेंगे कि खून की जरूरत है या नहीं। चिकित्सकों ने बताया कि यदि कहीं से रक्तस्राव होता है, पेट दर्द होता है, शरीर में चकते पड़ते हैं या प्लेटलेट्स 20 हजार के नीचे आते हैं तभी खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। डीएम के निर्देश पर कोरोनेशन के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीसी रमोला ने बताया कि कोरोनेशन में 72 घंटे के भीतर एलाइजा जांच मशीन लगाई जाएगी। इस दौरान सीएमओ डॉ. एसके गुप्ता, दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा, गांधी शताब्दी और कोरोनेशन अस्पताल के डॉ. बीसी रमोला, डॉ. प्रवीण पंवार, डॉ. आरके सिंह, डॉ. केके सिंह और जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी सुभाष जोशी आदि मौजूद रहे।
बच्चों को पूरी बाजू के कपड़े पहनकर स्कूल आने के निर्देश
डेंगू के कहर को देखते हुए जिलाधिकारी ने निरीक्षण से पहले आपात बैठक बुलाई। इसमें उन्होंने डेंगू विरोधी अभियान को युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए। साथ ही शहर के विभिन्न इलाकों में डेंगू से बचाव के कार्य करने के साथ-साथ अस्पतालों में डेंगू जांच के लिए ज्यादा से ज्यादा मशीनें और स्टाफ रखने को कहा। उन्होंने डेंगू से बचने के लिए शिक्षा विभाग के माध्यम से तत्काल निर्देश जारी करने की बात कही। बच्चों को फुल बाजू की कमीज आदि पहनने के लिए शिक्षा विभाग को निर्देशित किया। रायपुर आदि क्षेत्रों में फॉगिंग आदि के इंतजामों की जानकारी ली।